असम में बाढ़ से 55 हजार लोग प्रभावित,मिजोरम में भी हालात खराब

Daily news network Posted: 2017-06-19 14:25:25 IST Updated: 2017-06-19 14:25:25 IST
असम में बाढ़ से 55 हजार लोग प्रभावित,मिजोरम में भी हालात खराब
  • असम के 5 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों के 170 गांव बाढ़ से बेहाल हैं। मिजोरम में भी हालात खराब हैं।

गुवाहाटी। पूर्वोत्तर में मानसून की बारिश जारी है। इसके चलते क्षेत्र के कई हिस्सों में बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए हैं। असम के 5 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों के 170 गांव बाढ़ से बेहाल हैं। मिजोरम में भी हालात खराब हैं। यहां 12 जून से लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए। बाढ़ से लुंगलई जिले के लाबुंग सब डिवीजन एरिया में करीब 30 घर पूरी तरह तबाह हो गए जबकि 70 अन्य बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। गौरतलब है कि बाढ़ से पहले हुए भूस्खलन में करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी। 


आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियां खतरे के निशान से ऊपर बर रही है। बाढ़ से खड़ी फसल तबाह हो गई है। बाढ़ से दरांग जिले कुल 55 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। उदरगुड़ी और सोनितपुर जिलों में 10 राहत शिविर बनाए गए हैं। इनमें करीब 4 हजार लोगों ने शरण ले रखी है। जिला प्रशासन बाढ़ प्रभावितों तक राहत सामग्री पहुंचा रहा है। बाढ़ के कारण कुछ जिलों में सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो गई है। राज्य के जल संसाधन मंत्री केशब महंता ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया और संबंधित विभागों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। 


मिजोरम में ख्वाथलंगतुईपेई नदी का जलस्तर कम हुआ है लेकिन अभी भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं। ख्वाथलंगतुईपेई नदी के उफान पर होने के कारण कई गांवों के 650 घर जलप्लावित हो गए थे। नदी का जलस्तर खतरे के निशाने से कई फीट ऊपर चला गया है। लबुंग सब डिवीडन में करीब 1500 परिवार बाढ़ से प्रभावित हैं। ख्वाथलंगतुईपेई नदी ने कई नावों,खड़ी फसलों और बॉर्डर आउट पोस्टों को जलमग्न कर दिया। हालांकि कुछ परिवारों को सामुदायिक केन्द्रों,स्कूल की इमारतों, एमएसयू के दफ्तरों, मंदिरों और सरकारी इमारतों में ठहराया गया है जबकि कुछ प्रभावित परिवार अपने घरों को लौट गए हैं। 


कई लोगों के घरों की मरम्मत नहीं हो पाई है इसलिए वे अभी भी सामुदायिक केन्द्रों में ही रुके हुए हैं। राज्य के स्वास्थ्य विभाग और बीएसएफ की 159 वीं बटालियन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बाढ़ पीडि़तों को फ्री मेडिकल मदद मुहैया कराई। ख्वाथलांगतुईपेई नदी में आई बाढ़ के कारण लाबुंग इलाके में बिजली और पीने के पानी की आपूर्ति बाधित हुई है। कई शैक्षणिक संस्थान एक सप्ताह के लिए बंद कर दिए गए हैं।