असम में बाढ़ से 52 लोगों की मौत,पूरे पूर्वोत्तर में 85 लोग मारे गए

Daily news network Posted: 2017-07-15 11:59:59 IST Updated: 2017-07-15 11:59:59 IST
असम में बाढ़ से 52 लोगों की मौत,पूरे पूर्वोत्तर में 85 लोग मारे गए
  • असम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ से हालात बहुत खराब है। असम में बाढ़ से अब तक 52 लोगों की मौत हो गई है।

गुवाहाटी।

असम सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में बाढ़ से हालात बहुत खराब है। असम में बाढ़ से अब तक 52 लोगों की मौत हो गई है। पूर्वोत्तर में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 85 हो गई है। असम अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के 56 जिले बाढ़ की चपेट में है। असम के 26 जिलों के करीब साढ़े 17 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। आधा से ज्यादा काजीरंगा नेशनल पार्क पानी में डूबा हुआ। पार्क के करीब 58 वन्य जीव मारे गए हैं। एनडीआरएफ की कुल 5 टीमें असम में राहत और बचाव के काम में लगी हुई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण(एएसडीएमए) की एक रिपोर्ट के मुताबिक धेमाजी,धुबरी और नागांव जिले में शुक्रवार को बाढ़ से तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही बाढ़ जनित हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 52 हो गई है। मरने वालों में गुवाहाटी के 8 लोग शामिल है।

एएसडीएमए ने बताया कि धेमाजी लखीमपुर,बिश्वनाथ,सोनितपुर,दारंग,नलबारी, बारपेटा,बोंगईगांव,चिरांग,कोकराझार,धुबरी दक्षिण, गोलपाड़ा,मोरीगांव जिलों के 17 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ प्रभावित हैं। बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र दक्षिण सलमारा है,यहां बाढ़ से करीब 3 लाख 7 हजार लोग प्रभावित हैं। मोरीगांव में 2 लाख 33 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। गोलपाड़ा,दक्षिण सल्मार,डिब्रूगढ़, लखीमपुर,शिवसागर,माजुली, बारपेटा,गोलाघाट, जोरहाट, नागांव,कोकराझार और उदलगुड़ी सहित कई जिलों में बाढ़ से सड़कें,तटबंध और पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी का पानी पांच स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इनमें गुवाहाटी,जोरहाट में निमाटीघाट,सोनितपुर में तेजपुर और गोलपाड़ा और धुबरी शामिल है। शिवसागर में देसांग नागलामुरागट,गोलाघाट के नुमालीगढ़ में धनसिरी और करीमगंज शहर में कुशीरा जैसी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित राज्यों का हवाई दौरा किया और राहत के काम में लगे अधिकारियों से बात की। केन्द्र ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पूरी मदद का भरोसा दिया है। बाढ़ से हुए नुकसान का आंकलन करने के लिए स्पेस टेक्नोलॉजी और इसरो के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। केन्द्र सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में राहत व बचाव कार्यों के लिए 51 करोड़ 30 लाख रुपए की अग्रिम अनुदान सहायता जारी की है। वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारी बारिश व बाढ़ के कारण मंत्रालय के व्यय विभाग ने अरुणाचल प्रदेश को 51 करोड़ 30 लाख रुपए की सहायता दी है।

यह मदद राज्य में प्राकृतिक आपदा के कारण जरूरी राहत के लिए 14 वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर दी गई है। पूर्वोत्तर में बाढ़ को देखते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने सुचारू राहत व बचाव अभियान सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों से असम और अरुणाचल प्रदेश  की सरकारों व राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया दल(एनडीआरएफ) के साथ करीबी समन्वय से काम करने को कहा है।