फेसबुक पर फर्जी खबरें पेश करने और नफरत फैलाने पर 3 अरब से ज्यादा जुर्माना

Daily news network Posted: 2017-03-15 13:07:05 IST Updated: 2017-03-15 13:07:05 IST
फेसबुक पर फर्जी खबरें पेश करने और नफरत फैलाने पर 3 अरब से ज्यादा जुर्माना
  • जर्मन सरकार सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने और फर्जी खबर चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है।

जर्मन सरकार सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार करने और फर्जी खबर चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने जा रही है। सोशल मीडिया के जिन प्लेटफॉम्र्स पर फर्जी खबरें,नफरत फैलाने वाला कंटेंट और हिंसा के लिए उकसाने वाली चीजें पाई जाएंगी तो उन पर 3 अरब से ज्यादा का आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है।

जर्मन सरकार ने एक प्रस्ताव में यह बात कही है। जर्मनी के न्याय मंत्री ने कहा,सोशल नेटवक्र्स पर आपराधिक उकसावे और झूठी निंदा के लिए जगह नहीं होनी चाहिए। फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल मीडिया कंपनियों ने अपनी ओर से भी इस तरह के कई कदम उठाए हैं जिनमें चीजें थोड़ी बेहतर तो हुई है लेकिन इस दिशा में और कोशिश किए जाने की जरूरत है। न्याय मंत्री ने कहा,देखा जाए तो बहुत कम ही ऐसी आपराधिक टिप्पणियां हैं जिन्हें हटाया जाता है और इन्हें हटाने में काफी समय भी लग जाता है।

सबसे बड़ी परेशानी यह है कि सोशल नेटवर्किंग के ये प्लेटफॉम्र्स खुद अपने यूजर्स की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते हैं। यह साफ हो गया है कि हमें सेशल नेटवक्र्स पर दबाव बढ़ाना होगा। ये कंपनियां अपने प्लेटफॉम्र्स पर मौजूद आपराधिक सामग्रियों को हटाने की जरूरत पर गंभीरता बरतें,इसे सुनिश्चित करने के लिए हमें कानून बनाना होगा। यूजर्स की शिकायतों में से केवल 39 फीसदी सामग्रियों को ही फेसबुक हटाता है। इनमें से केवल 33 फीसदी चीजें ही ऐसी होती हैं जो कि 24 घंटे के अंदर हटाई जाती है।

ट्विटर पर जिन चीजों को लेकर शिकायत की जाती है उन्हें कंपनी की ओर से हटाए जाने का प्रतिशत बहुत कम है। 100 में से केवल एक रिपोर्टेड मैसेज को ही ट्वीटर हटाता है। मंत्रालय ने यू-ट्यूब की तारीफ करते हुए कहा वहां ऐसी आपत्तिजनक सामग्रियों को हटाए जाने में अधिक गंभीरता दिखाई जाती है। यूजर्स जिन चीजों को लेकर रिपोर्ट करते हैं उनमें से करीब 90 फीसदी चीजें हटा दी जाती है। 82 फीसदी रिपोर्टेड कंटेंट तो 24 घंटे के भीतर ही हटा दिए जाते हैं।

जर्मनी की एक प्रांतीय मंत्री ने कहा कि नफरत फैलाने वाली चीजों को प्रचारित-प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल असल में पूरे समाज के लिए बेहद घातक है। मंत्री ने कहा,ऐसा नहीं हो सकता है कि आपने सोशल नेटवर्क प्लेटफॉर्म की मदद से ये कंपनियां खबू मुनाफा कमाएं लेकिन नफरत भरे संदेशों से लडऩे की अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ें। इस प्रस्ताव के पारित हो जाने की स्थिति में सोशल नेटवर्किंग कंपनियों को अपने यहां जा रहे कंटेंट पर हमेशा नजर रखनी होगी। आपत्तिजनक सामग्रियों को 7 दिन के अंदर हटाने का प्रावधान किया जाएगा।