बिमल गुरुंग ने ठुकराई ममता बनर्जी की अपील, लिया ये फैसला

Daily news network Posted: 2017-09-13 16:40:43 IST Updated: 2017-09-13 16:40:43 IST
बिमल गुरुंग ने ठुकराई ममता बनर्जी की अपील, लिया ये फैसला
  • गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के चीफ बिमल गुरुंग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस अपील को ठुकरा दिया

दार्जिलिंग।

गोरखा जनमुक्ति मोर्चा के चीफ बिमल गुरुंग ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की उस अपील को ठुकरा दिया है जिसमें दार्जिलिंग हिल्स में जारी बेमियादी बंद को वापस लेने के लिए कहा गया था। गुरुंग ने कहा कि गोरखालैंड के मसले पर जब तक त्रिपक्षीय वार्ता नहीं होती तब तक बंद जारी रहेगा। गुरुंग ने 13 मिनट के ऑडियो संदेश में कहा, हिल्स में बेमियादी बंद जारी रहेगा। इसे तब तक वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता जब तक केन्द्र सरकार त्रिपक्षीय मीटिंग नहीं बुलाती।


गोरखा जनमुक्ति मोर्चा ने शुरुआत में कहा था कि पार्टी सिर्फ केन्द्र से मसले पर वार्ता करेगी लेकिन बाद में त्रिपक्षीय मीटिंग के लिए सहमत हो गई। त्रिपक्षीय वार्ता हिल्स पार्टीज, राज्य सरकार और केन्द्र के बीच होनी है। गौरतलब है कि अलग गोरखालैंड की मांग को लेकर 8 जून को आंदोलन शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री ममता

बनर्जी ने मंगलवार को हिल्स पार्टीज के साथ द्विपक्षीय वार्ता की लेकिन इसमें त्रिपक्षीय वार्ता की जरूरत पर चर्चा नहीं हुई। मीटिंग में गुरुंग शामिल नहीं हुए। कहा जा रहा है कि वह सिक्किम के जंगलों में छिपे हुए

हैं।


बैठक में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा से बर्खास्त किए गए बिनय तमांग शामिल हुए। गुरुंग ने कहा कि पार्टी से निकाले गए बिनय तमांग ने बंद वापस लेने की घोषणा की थी। वह खुद तब इसके पक्ष में नहीं थे।

बकौल गुरुंग, वह बिनय तमांग थे, जो उस वक्त पार्टी के असिस्टेंट सेक्रेटरी थे, ने 15 जून को मेरे घर पर पुलिस के छापे के बाद बेमियादी बंद वापस लेने की घोषणा की थी। तब मैंने कहा था कि पार्टी को इस तरह का फैसला लेने से पहले इंतजार करना चाहिए।  मैंने तमांग को फटकारा भी था। मैंने उससे कहा था कि हम पहले चर्चा करते हैं और कुछ दिन बाद बंद बुलाते हैं लेकिन उसने कहा कि पार्टी मुख्यालय को नष्ट किए जाने के बाद यह जरूरी है। वह बिनय तमांग थे जिन्होंने बंद बुलाया और लोगों को परेशान होना पड़ा। उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए। अब बिनय तमांग ने अपने निहित स्वार्थ के लिए राज्य सरकार से हाथ मिला लिया है।


उन्होंने  कहा  कि अगर आप जानना चाहते हैं कि मैं कब बंद वापस लूंगा तो मेरा जवाब है जब त्रिपक्षीय मीटिंग शुरू हो जाएगी। अन्यथा मैं लोगों से बंद वापस नहीं लेने का अनुरोध करता हूं। आपने तीन महीने बहादुरी से सामना किया। कृपया कुछ और वक्त के लिए सहें। गुरुंग ने कहा कि सिलीगुड़ी में हुई मीटिंग में गोरखालैंड को लेकर एक शब्द का जिक्र नहीं था। बिमल गुरुंग ने जल्द ही जनता कफ्र्यू लॉन्च करने की धमकी दी है। बकौल गुरुंग हम राजनीतिक स्तर पर त्रिपक्षीय वार्ता चाहते हैं। हमारे पास खुद के सांसद और विधायक हैं। आंदोलन अभी भी मेरे हाथ में है। बिनय तमांग मेरा अधीनस्थ है। जिस इश्यू को मैंने उठाया था उसे तमांग ने हाईजैक कर लिया।