गोगोई का हमला, फेसबुक-ट्वीटर से चल रही है शैतानों की सरकार

Daily news network Posted: 2017-06-16 09:54:24 IST Updated: 2017-06-16 09:54:24 IST
गोगोई का हमला, फेसबुक-ट्वीटर से चल रही है शैतानों की सरकार
  • पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि यह शैतानों की सरकार है, फेसबुक और ट्वीटर की सरकार है

गुवाहाटी।

पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि यह शैतानों की सरकार है, फेसबुक और ट्वीटर की सरकार है। राज्य में हिटलरवाद चल रहा है। मोदी को भी पता चल गया देश की अर्थव्यस्था रसातल में जा रही है। पहले की एनडीए, बीच की यूपीए और अबकी एनडीए सरकारों के समय का श्वेतपत्र जारी क्यों नहीं करते।



महीनों बाद प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में गोगोई ने केंद्र व राज्य में आसीन भाजपा नीत सरकार के मुखियाओं पर निजी हमले करने में कोई कोताही नहीं की। यहां तक कि राज्य के मंत्री हिमंत विश्व शर्मा और अतिरिक्त मुख्य सचिव एमजीवीके भानु को बातों का मास्टर और काम का सिफर बताने में नहीं चूके। ये दोनों एक समय गोगोई के सबसे पसंदीदा व्यक्ति थे। 



पूर्व मुख्यमंत्री के मुताबिक गुवाहाटी में जिस तरह पिछले तीन दिन से भीषण जलभराव हुआ है, उसने सरकार के तौर-तरीकों की पोल खोल दी है। स्मार्ट सिटी का जो काम हुआ है, आने वाले चार साल में भी यहां कृत्रिम बाढ़ की समस्या हल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि सरकार के सबसे कुशल माने जाने वाले गुवाहाटी विकास विभाग के मंत्री हिमंत विश्व शर्मा इस समय दिखाई नहीं दे रहे हैं। कोई बयान नहीं दे रहे हैं। 



उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सोनोवाल और मंत्री शर्मा फेसबुक और ट्वीटर पर बयान निर्देश देते रहते। जब वे खुद मुख्यमंत्री थे तो उनके पास ट्वीटर और फेसबुक के लिए समय ही नहीं था।  काम से फुर्सत ही नहीं मिलती थी। अभी तो काम कुछ हो रही रहा, केवल निर्देश जारी होते रहते हैं। अफसरशाही राजनीतिक दखलअंदाजी के आगे कुछ कर ही नहीं पा रही है। गोगोई के मुताबिक उनके मुख्यमंत्री रहते कृत्रिम बाढ़ रोकने के प्रयासों को आगे बढ़ाया गया होता तो पिछले साल से कम समस्या हुई होती। उन्होंने कहा कि वे जानते हैं कि समस्या एक झटके में दूर नहीं हो सकती, लेकिन बातों की फुलझड़ी छोड़ते रहने से कुछ नहीं होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने तो पैसा खाया था, अब तो भ्रष्टाचार के खिलाफ बिगुल फूंकने वाली सरकार आ गई है। हमसे बेहतर होना चाहिए था, क्यों नहीं हुआ, अब दोषी कौन है।