पीएम मोदी को छात्र ने दिया करारा जवाब,पत्र हुआ वायरल

Daily news network Posted: 2017-03-08 13:19:21 IST Updated: 2017-10-19 11:48:27 IST
पीएम मोदी को छात्र ने दिया करारा जवाब,पत्र हुआ वायरल
  • हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तंज कसने पर वहां के एक छात्र ने आपत्ति व्यक्त की है। छात्र ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है।

नई दिल्ली

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के तंज कसने पर वहां के एक छात्र ने आपत्ति व्यक्त की है। छात्र ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि विदेशी यूनिवर्सिटीज का मजाक उड़ाने से भारत दुनिया में अलग थलग पड़ जाएगा।


प्रतीक कंवल नाम का यह छात्र चंडीगढ़ का रहने वाला है और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में पीजी कोर्स कर रहा है। उसने पत्र में लिखा,भारत विविधता वाला देश है,जिसके विकास के लिए आपको ऐसे लोगों की मदद की जरूरत है,जो अलग नजरिया रखते हों। अर्थशाियों और भरोसेमंद अकादमिक संस्थानों का मजाक उड़ाने से हम दुनिया में अलग थलग पड़ जाएंगे। खुद को कड़ी मेहनत करने वाला नेशननलिस्ट बताते हुए प्रतीक ने लिखा,सबूतों के आधार पर सीखने की आदत ट्रेंड है, जो पॉलिसी बनाने और उन्हें असरदार तरीके से लागू करने में मदद करता है ताकि नोटबंदी जैसे डिजास्टर से निपटा जा सके।

प्रतीक ने अपने पत्र में लिखा है कि पीएम की ऐसी बातें मुझ जैसे भारतीयों को देश से दूर करेंगी जो विदेश में पढ़ाई कर अपने देश लौटना चाहते हैं। प्रतीय का यह पत्र ऑनलाइन जारी किया गया है। यह इंटरनेट पर वायरल हो गया है। प्रतीक ने पत्र में लिखा, पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते यूपी में एक चुनावी रैली में जब ये बातें कही थी तब केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के छात्रों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यूनिवर्सिटी और छात्रों से आपकी सरकार की मदद करने को कहा था। हार्वर्ड के छात्र रहे कई लोग मोदी कैबिनेट और पीएमओ में अहम पदों पर हैं।


जीडीपी के ताजा आंकड़ों के साथ पीएम मोदी ने पिछले हफ्ते अर्थशाी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर तंज कसा था। मनमोहन सिंह ने कहा था कि नोटबंदी के बाद ग्रोथ रेट कम रहेगी। इस पर मोदी ने यूपी में रैली के दौरान कहा, कुछ हार्वर्ड वालों कुछ ऑक्सफोर्ड वालों ने कहा है कि जीडीपी में 2 फीसदी की गिरावट(नोटबंदी के बाद)आएगी,कुछ ने 4 फीसदी गिरावट की बात कही है लेकिन देश ने देख लिया कि हार्वर्ड के ये लोग क्या सोचते हैं और हार्ड वर्क करने वाले क्या सोचते हैं।