असम के कैश फॉर घोटाले में हिमंता और तरुण गोगोई को गिरफ्तार करने की मांग

Daily news network Posted: 2017-11-13 11:11:07 IST Updated: 2017-11-13 11:11:07 IST
असम के कैश फॉर घोटाले में हिमंता और तरुण गोगोई को गिरफ्तार करने की मांग
  • किसान संगठन का कहना है कि इन लोगों को जांच प्रक्रिया के दायरे में नहीं लाए जाने का मतलब है कि गिरफ्तारियों का पूरा मसला कुछ और नहीं बल्कि ड्रामा है

गुवाहाटी।

कृषक मुक्ति संग्राम समिति(केएमएसएस) ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर घोटाले को लेकर राज्य के वित्त मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई व ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन(आसू) के मुख्य सलाहकार सामुज्जल भट्टाचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कृषक मुक्ति संग्राम समिति ने इन सभी को जांच के दायरे में लाने की मांग की है।


किसान संगठन का कहना है कि इन लोगों को जांच प्रक्रिया के दायरे में नहीं लाए जाने का मतलब है कि गिरफ्तारियों का पूरा मसला कुछ और नहीं बल्कि ड्रामा है। आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने यह ड्रामा किया है। कृषक मुक्ति संग्राम समिति के अध्यक्ष भास्को डे सैकिया ने कहा कि पूरा केस अब ड्रामा लगता है क्योंकि कई उच्च स्तर के नेताओं को अभी तक जांच के दायरे में नहीं लाया गया है। दरअसल पूरा मसला इसलिए ड्रामा लगता है क्योंकि कुछ अधिकारियों को ही गिरफ्तार किया गया है और राजनेताओं के संबंध में एक शब्द नहीं किया गया। उन्हें शक है कि ये सभी घोटाले में पूरी तरह से शामिल है।


सैकिया ने दावा किया कि बतौर संदिग्ध पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई, वित्त व शिक्षा मंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केन्द्रीय मंत्री राजेन गोहेन, पूर्व मंत्री गौतम रॉय व गुरु ज्योति रॉय और सिकीमिकी तालुकदार जैसे अन्य राजनेताओं के नाम सामने आए थे लेकिन इन सभी से अभी तक पूछताछ नहीं की गई। न केवल राजनेताओं बल्कि मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल के मित्र सामुज्जल भट्टाचार्य को भी जांच के दायरे में लाना चाहिए क्योंकि उनका नाम भी इस घोटाले में उछला था। इनको जांच के जायरे में लाने और आगे की जांच के लिए इनकी गिरफ्तारी से पूरे घोटाले का सही सच सामने आएगा। सैकिया ने कहा कि हिमंता बिस्वा सरमा को तुरंत जांच के दायरे में लाना चाहिए क्योंकि असम बल्कि सर्विस कमीशन के पूर्व चेयरमैन राकेश पॉल की पत्नी के फ्लैट से एक  सूची बरामद की गई थी।


इस सूची में कुछ उम्मीदवारों के नाम थे जिनकी सिफारिश हिमंता बिस्वा सरमा ने की थी। राकेश पॉल को पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और पूर्व मंत्री गौतम रॉय ने असम पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन नियुक्त किया था। पूरे केस के बारे में और जानकारी के लिए उनको भी जांच के दायरे में लाना चाहिए। सैकिया ने कहा, सूची में 2013 में असम पब्लिक सर्विस कमीशन की परीक्षा में बैठे उम्मीदवारों के नाम हैं, जिन्हें  2015 में नौकरी दी गई थी। हिमंता बिस्वा सरमा ने यह सूची मुहैया कराई थी।


सूची में पुष्कल गोगोई, सुकन्या दास, अमृत ज्योति सरमा, धीरज कुमार जैन, भास्कर देव सरमा, हर्षज्योति बोरा और जयंता डोले के नाम हैं। इनमें से सिर्फ हर्षज्योति बोरा और भास्कर देव को गिरफ्तार किया गया है लेकिन अन्य अभी भी खुले घूम रहे हैं। केएमएसएस नेता ने दावा किया कि अगर राजनेताओं सहित अन्य अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पूरा परिदृश्य स्पष्ट हो जाएगा कि सिर्फ कुछ अधिकारियों की गिरफ्तारी कुछ और नहीं बल्कि ड्रामा है। आगामी पंचायत चुनावों को देखते हुए यह ड्रामा किया गया है।