अगर आपको हवा में उड़ने का है शौक, तो ये जगह है आपके लिए...देखिए रोमांचक वीडियो

Daily news network Posted: 2018-01-13 17:04:20 IST Updated: 2018-01-13 17:04:20 IST
  • डेलीन्यूज की ट्रेवल सीरीज में आज हम आपको हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी से रूबरू करवा रहे हैं।

डेलीन्यूज की ट्रेवल सीरीज में आज हम आपको हिमाचल प्रदेश की कांगड़ा घाटी से रूबरू करवा रहे हैं। यह एक ऐसी घाटी है, जहां हर तरह के पर्यटक के लिए उसकी इच्छानुसार पर्यटन स्थल मौजूद हैं।  चलिए आपको करवाते हैं कांगड़ा घाटी की सैर....


जिला कांगड़ा के मुख्यालय धर्मशाला से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज है। तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा की मौजूदगी से यह स्थान विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। यहां से 10 किलोमीटर की पैदल दूरी पर त्रियुंड नामक स्थान है, जो ट्रैकिंग के शौकीन पर्यटकों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।


जिला कांगड़ा में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावना है। यहां कई शक्तितपीठ व प्रसिद्ध मंदिर हैं। इनमें मां चामुंडा देवी, मां बज्रश्वेरी देवी, मां ज्वालाजी के मंदिर प्रसिद्ध हैं। इसके अलावा बेहद पुरानी शैली में निर्मित बैजनाथ शिव मंदिर, नूरपुर में भगवान श्री कृष्ण व मीरा का मंदिर, आशापुरी मंदिर, महाकाल मंदिर व मां बगलामुखी का मंदिर भी आकर्षण का केंद्र है।


कांगड़ा के बैजनाथ में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी पैराग्लाइडिंग टेक ऑफ साइट मौजूद है। यहां से पर्यटक हवावाजी के खेल पैराग्लाइडिंग का खूब आनंद उठा सकते हैं। रोमांच का ट्रैकिंग के जरिए आनंद लेने वाले पर्यटकों के लिए इस घाटी में कई ट्रैकिंग रूट मौजूद हैं।


चलिए अब आपको बताते हैं कि यहां कैसे पहुंचे

कांगड़ा घाटी के मुख्यालय धर्मशाला तक आने के लिए दिल्ली, पठानकोट व चंडीगढ़ से सीधी बस सेवा उपलब्ध है। इसके अलावा यह घाटी पठानकोट-जोगेंद्रनगर नैरोगेज रेलमार्ग से भी जुड़ी हुई है। ब्राडगेज रेलमार्ग का नजदीकी स्टेशन पठानकोट है। जबकि हवाई सेवा के लिए धर्मशाला से महज 14 किमी की दूरी पर गगल में एयरपोर्ट स्थित है। यहां से दिल्ली के लिए रोजाना दो हवाई उड़ाने हैं।