रोहिंग्या मुस्लिमों को रोकने के लिए भारत-म्यांमार सीमा असम राइफल्स की 8 कंपनियां तैनात

Daily news network Posted: 2017-09-16 12:32:57 IST Updated: 2017-09-16 12:32:57 IST
रोहिंग्या मुस्लिमों को रोकने के लिए भारत-म्यांमार सीमा असम राइफल्स की 8 कंपनियां तैनात
  • म्यांमार और बांग्लादेश सीमा से लगे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में प्रवेश से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

आईजोल/अगरतला।

म्यांमार और बांग्लादेश सीमा से लगे भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में रोहिंग्या मुस्लिमों को देश में प्रवेश से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। आईजोल और अगरतला में तैनात असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि पूर्वोत्तर राज्यों की सीमा के पास अब तक किसी भी अप्रवासी के सीमा पार कर यहां आने की सूचना नहीं है। पूर्वोत्तर में चार राज्य अरुणाचल प्रदेश(520 किलोमीटर), मणिपुर(398 किलोमीटर), मिजोरम(510 किलोमीटर) और नागालैंड(215 किलोमीटर) की खुली सीमा म्यांमार से लगती है। इस 1643 किलोमीटर के बिना घेराबंदी की सीमा पर 16 किलोमीटर भूभाग फ्री जोन है, जिसमें दोनों तरफ आठ आठ किलोमीटर की सीमाएं शामिल है।

असम राइफल्स के पुलिस महानिरीक्षक मेजर जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने आईजोल में संवाददाताओं को बताया कि सीमांत इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद करने के लिए भारत-म्यांमार सीमा पर असम राइफल्स की आठ कंपनियों को तैनात किया गया है। 23 सेक्टर असम राइफल् के उप महानिरीक्षक ब्रिगेडियर एम.एम.मोखा ने कहा कि मिजोरम में अब तक रोहिंग्या मुस्लिमों की उपस्थिति की कोई सूचना नहीं है। द्विवेदी ने कहा कि मिजोरम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के साथ म्यांमार की सीमा खुली है इसलिए सुरक्षा बलों को यहां हर वक्त तैनात रखा गया है और रोहिंग्या समुदाय को अवैध रूप से भारत में आने से रोकने के लिए हवा से भी निगरानी रखी जा रही है। रोहिंग्या संकट के चलते गुरुवार को 23 असम राइफल्स के आईजोल स्थित मुख्यालय में कई सुरक्षा अधिकारियों की बैठक हुई थी।

इसमें असम राइफल्स, बीएसएफ, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्य पुलिस और कई खुफिया एजेंसियों के अधिकारी मौजूद थे। अगरतला में एक बीएसएफ अधिकारी ने कहा कि त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में किसी भी रोहिंग्या मुस्लिम के आने की सूचना नहीं है। इससे पहले कई मौकों पर त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में रोहिंग्या समुदाय के लोग बांग्लादेश के रास्ते अवैध रूप से नौकरी की तलाश में आ चुके हैं। भारत और बांग्लादेश के बीच 4096 किलोमीटर की सीमा है। जिसमें अधिकतर भाग नदियों, पहाड़ों और खुली सीमा से लगी हुई है। इस वजह से अवैध घुसपैठियों और तस्करों क यहां आने में ज्यादा मुश्किल नहीं होती। जमात उलेमा ए हिंद के त्रिपुरा राज्य इकाई के मुस्लिमों ने गुरुवार को म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।