चीनी घुसपैठ को लेकर सामने आया वीडियो, खुली मोदी सरकार के दावे की पोल

Daily news network Posted: 2018-01-09 19:13:25 IST Updated: 2018-01-09 19:13:25 IST
चीनी घुसपैठ को लेकर सामने आया वीडियो, खुली मोदी सरकार के दावे की पोल
  • अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग सेक्टर में हुई चीनी घुसपैठ पर अब एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो पर अगर यकीन करें तो चीनी सेना और प्रशासन को अरुणाचल प्रदेश में हो रहे निर्माण कार्य के बारे में पूरी जानकारी थी।

अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग सेक्टर में हुई चीनी घुसपैठ पर अब एक नया वीडियो सामने आया है। इस वीडियो पर अगर यकीन करें तो चीनी सेना और प्रशासन को अरुणाचल प्रदेश में हो रहे निर्माण कार्य के बारे में पूरी जानकारी थी। आपको बता दें कि अरुणाचल के ऊपरी सियांग जिले में स्थित तूतिंग में करीब एक किलोमीटर अंदर तक चीनी कर्मी दाखिल हो गए थे और यहां पर निर्माण कार्य कर रहे थे।

वीडियो के मुताबिक चीनी सेना भी इस घुसपैठ में शामिल थी जबकि यह खबर सामने आने पर चीन ने इससे पल्ला झाड़ लिया था और कहा था कि उसे ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। खास बात यह है कि यह वीडियो सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की ओर से सोमवार को दिए गए उस बयान के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अरुणाचल के तूतिंग में भारतीय सीमा क्षेत्र के भीतर चीन के सड़क निर्माण दल द्वारा घुसपैठ से संबंधित हालिया मामले को निपटा लिया गया। सूत्रों के मुताबिक चीनी दल द्वारा सड़क निर्माण के लिए लाए गए दो उपकरणों को शनिवार को उन्हें लौट दिया गया, जिन्हें भारतीय बलों ने पहले जब्त कर लिया था। इससे पहले अरुणाचल में दोनों पक्षों की ओर से बॉर्डर पर्सनल मीटिंग(बीपीएम)हुई, जिसमें मुद्दे का अपसी सहमति से समाधान निकाला गया।

भारतीय सैनिकों ने 28 दिसंबर को चीनी सड़क निर्माण दल की घुसपैठ को विफल कर दिया था,जो अरुणाचल प्रदेश के तूतिंग सेक्टर में भारतीय सीमा के भीतर करीब एक किलोमीटर तक दाखिल हो गए थे। भारतीय सैनिकों के कड़े विरोध के बाद वे अपना उपकरण वहीं छोड़कर भाग खड़े हुए थे। भारत की ओर से इस घटना को लेकर चीन के सामने अपनी चिंताएं जता दी है। जिसके बाद चीन ने कह है कि उसके सड़क निर्माण दल ने गलती से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर लिया था और आगे ऐसी कोई घटना नहीं होगी।

सोमवार को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने यहां आयोजित एक सेमीनार के दौरान कहा था कि तूतिंग घटना का समाधान हो चुका है। उन्होंने इस संबंध में दो दिन पहले ही बॉर्डर पर्सनल मीटिंग होने की भी बात कही। सेना प्रमुख ने यह भी कहा था कि डोकलाम क्षेत्र में तैनात चीनी सैनिकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। डोकलाम में पिछले साल दोनों देशों के बीच करीब 73 दिनों तक गतिरोध रहा था और अगस्त में इसके दूर होने घोषणा की गई थी।