असम: एचपीसी को निजी कंपनी के हाथों में सौंपने की पहल का विरोध

Daily news network Posted: 2017-06-15 10:34:14 IST Updated: 2017-06-15 10:34:14 IST
असम: एचपीसी को निजी कंपनी के हाथों में सौंपने की पहल का विरोध
  • एचपीसी प्रबंधन ने दोनों इकाइयों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत चलाने की योजना बनाई है

गुवाहाटी।

हिंदुस्तान कागज निगम (एचपीसी) की दो इकाइयां नगांव पेपर मिल (एनपीएम) और कछार पेपर मिल (सीपीएम) को निजी कंपनी के हाथों सौंपने की कथित साजिश के विरोध में कागज नगर कर्मी यूनियन (केएनकेयू) और नगांव पेपर मिल सुरक्षा मंच ने राष्ट्रीय राजमार्ग 37 को जाम कर दिया। इसके बाद जिला प्रशासन के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सोनोवाल के नाम अलग-अलग ज्ञापन भेज एचपीसी की इन दोनों इकाइंयों को निजी कंपनी के हाथों ने सौंपने और दोनों मिलों को जल्द चालू कराने की मांग की है। 



बता दें कि एचपीसी प्रबंधन ने इन दोनों इकाइयों को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत चलाने की योजना बनाई है तथा इसके लिए पहल शुरु कर दी है। केएनकेयू के महासचिव आनंद बरदलै ने आरोप मढ़ा कि केंद्र सरकार की उदासीनता और कुछ वरिष्ठ अधिकारियों की साजिश के कारण एचपीसी मुख्यालय का कोलकाता से असम स्थानांतरण नहीं हुआ है। हालांकि राज्य के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री चंद्रमोहन पटवारी ने विधानसभा में दावा किया था कि एचपीसी मुख्यालय का असम में स्थानांतरण हो गया है। उन्होंने खेद जताया कि जागीरोड स्थित नगांव पेपर मिल ने चालू दशक के प्रथमाद्र्ध में लाभ दिखाया था पर गलत प्रबंधन और उच्चस्तरीय अधिकारियों के कथित भ्रष्टाचार के कारण यह मिल बंदी के कगार पर आ गई है।


उधर केएनकेयू के महासचिव ने मिल को किसी निजी कंपनी को सौंपने की सरकार की पहल का पुरजोर विरोध किया  और कहा कि असम में एचपीसी की यही दो उपक्रम हैं तथा इन दोनों के बंद हो जाने से राज्य में बेरोजगारी सहित अन्य तमात तरह की समस्याएं पैदा होंगी। विरोध प्रदर्शन में अखिल असम छात्र संघ, असम उन्नती सभा, अखिल आदिवासी छात्र संघ, अखिल तिवा छात्र संघ, तिवा युवा फेडरेशन आदि तमाम संगठन उपस्थित थे।