त्रिपुरा में तैनात होंगे 30 हजार जवान,पहले से लगे हुए हैं 35 हजार

Daily news network Posted: 2018-01-13 20:40:27 IST Updated: 2018-01-13 20:40:27 IST
त्रिपुरा में तैनात होंगे 30 हजार जवान,पहले से लगे हुए हैं 35 हजार
  • चुनाव आयोग ने त्रिपुरा में अगले माह होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रिकॉर्ड 30 हजार केन्द्रीय अर्धसैनिक बल तैनात करने का प्रस्ताव दिया है।

अगरतला।

चुनाव आयोग ने त्रिपुरा में अगले माह होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रिकॉर्ड 30 हजार केन्द्रीय अर्धसैनिक बल तैनात करने का प्रस्ताव दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया, त्रिपुरा में अगले माह विधानसभा चुनाव कराने के लिए चुनाव आयोग ने केन्द्रीय गृह मंत्रालय को 30 हजार(300 कंपनियां) केन्द्रीय अर्ध सैनिक बल के जवान तैनात करने के लिए कहा है। अधिकारी ने कहा, केन्द्रीय अर्ध सैनिक बल में बीएसएफ, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ के जवान भी शामिल होंगे। सीपीएमएफ के जवान जिनका नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारी कर रहे हैं,ने शुक्रवार से यहां पहुंचना शुरु हो गए हैं।

वे चरण बद्ध तरीके से यहां पहुंचेंगे और पूरे राज्य में फैल जाएंगे। राज्य में पहले से 35 हजार सुरक्षा बलों के जवान तैनात हैं,इनमें सीपीएम एफ, बीएसएफ,सीआरपीएफ और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के जवान तैनात हैं। फरवरी 2013 में पिछला विधानसभा चुनाव हुए था। तब केन्द्रीय अर्ध सैनिक बलों के 20 हजार जवान तैनात किए गए थे। इस बीच राज्य के चुनाव विभाग के एक अधिकारी ने कहा है कि चुनाव आयोग एक सप्ताह में त्रिपुरा,मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है। पूर्वोत्तर के तीनों राज्यों में फरवरी में एक साथ विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे। भाजपा के कुछ प्रतिनिधिमंडलों ने नई दिल्ली में चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की थी और राज्य में स्वतंत्र व निष्पक्ष विधानसभा चुनाव कराने का अनुरोध किया था।

सीपीएम के स्टेट सेक्रेटरी बिजान धर ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि भाजपा अनावश्यक राजनीतिक लाभ लेने के लिए त्रिपुरा में विधानसभा टलवाने की कोशिश कर रही है। बकौल धर, भाजपा राज्य में लेफ्ट फ्रंट सरकार के खिलाफ साजिश रच रही है लेकिन उनकी प्रत्येक कोशिश राज्य के सचेत लोग विफल कर लेंगे। हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को खारिज किया है। राज्यपाल तथागत रॉय बुधवार को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में मिले और विभिन्न मसलों पर चर्चा की। राज भवन के अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल ने त्रिपुरा की मौजूदा कानून व्यवस्था के बारे में बातचीत की।

हालांकि अधिकरियों ने इसका खुलासा नहीं किया कि राजनाथ सिंह और तथागत रॉय के बीच असल में क्या बातचीत हुई। यह मीटिंग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भाजपा लेफ्ट शासित राज्य में कानून व्यवस्था खराब होने के आरोप लगा रही है। आपको बता दें कि त्रिपुरा में आखिरी मतदाता सूचियां 5 जनवरी को प्रकाशित होगी। आखिरी मतदाता सूचियों के मुताबिक, इस आधार पर चुनाव होंगे।