असम : जनजातिकरण की मांग में फिर आंदोलन पर राभा

Daily news network Posted: 2017-07-17 16:06:47 IST Updated: 2017-07-17 16:06:47 IST
असम : जनजातिकरण की मांग में फिर आंदोलन पर राभा
  • करीब एक दशक से भी ज्यादा समय से भारतीय संविधान की छठी अनुसूचि के तहत जनजाति (ट्राइबल) का दर्जा प्रदान करने की मांग में कामरूप व ग्वालपाडा जिले के राभा-हासोंग इलाके में पुन: आंदोलन तेज़ हो गया है।

असम

विजयनगर । करीब एक दशक से भी ज्यादा समय से भारतीय संविधान की छठी अनुसूचि के तहत जनजाति (ट्राइबल) का दर्जा प्रदान करने की मांग में कामरूप व  ग्वालपाडा जिले के राभा-हासोंग इलाके में पुन: आंदोलन तेज़ हो गया है। 





इस मांग को लेकर आंदोलन कर रहे निखिल राभा छात्र संघ (आरसू), निखिल राभा महिला परिषद व  छठी अनुसूची मांग समिति समेत सभी राभा संगठनो ने राभा-हासोंग स्वायत्त परिषद को छठी अनुसूची देने की मांग को लेकर दीर्घकालीन आंदोलन की घोषणा करते हुए आंदोलन शुरू कर दिया है। 





इसी कड़ी में गत 14 जुलाई को राभा-हासोंग के विभिन्न इलाकों में मशाल लेकर जुलूस निकाला गया। परिषद की राजधानी दुधनै  में केंद्रीय रूप से यह कार्यक्रम हुआ। दुधनै शहर के पास विभिन्न ग्रामीण इलाकों से होती हुईं यह रैली दुधनै में राष्टीय राजमार्ग संख्या 37 पर पंहुची। रैली में सैकडों लोगों ने हिस्सा लेते हुए अपनी मांगों को लेकर नारे लगाए। 




राभा संगठनों ने आरोप लगाया है कि सरकार ने परिषद के लिए सालाना आवंटन होने वाली राशि  में भी कटौती की है, जिससे विकास कार्यो  में बाधा आ रही है।




मालूम हो कि 17 जुलाई को राभा संगठनों ने एक घंटे के लिए 37 व  62 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग बंद  करने की भी घोषणा की है। इसमें 37 नंबर राष्ट्रीय राजमार्ग ग्वालपाडा जिले को मेघालय से जोड़ता है। इस अवरोध की वजह से मेघालय में भी जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है।