डोकलाम पर भारत की जीत पीछे हटा चीन, वायरल हुई खबर और मैसेज, जानिए सच!

Daily news network Posted: 2017-08-12 14:29:31 IST Updated: 2017-08-12 14:29:31 IST
डोकलाम पर भारत की जीत पीछे हटा चीन, वायरल हुई खबर और मैसेज, जानिए सच!
  • डोकलाम में भारत की जीत और चीनी सेना के पीछे हटने की खबर और मैसेज वायरल हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि चीनी सेना विवादित स्थल से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार हो गई है लेकिन

नई दिल्ली

डोकलाम में भारत की जीत और चीनी सेना के पीछे हटने की खबर और मैसेज वायरल हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि चीनी सेना विवादित स्थल से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार हो गई है लेकिन भारत चाहता है कि वह 250 मीटर पीछे हटे। 



खबर के मुताबिक भारतीय सेना के कहने पर चीनी सेना विवादित स्थल से 100 मीटर पीछे हटने के लिए तैयार हुई है लेकिन चीन ने भी शर्त रखी है कि भारतीय  सेना को भी पूर्व स्थिति में लौटना होगा। खबर में जानकारों के हवाले से बताया गया है कि इस संवाद और सहमति का अर्थ है कि दोनों देश डोकलाम विवाद का सम्मानजनक अंत चाहते हैं। कई वेबसाइटों ने भी इस खबर को चलाया है। 



इस बीच वायरल मैसेज में चीन के सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मोदी के दबाव में चीनी सरकार डोकलाम के विवादित स्थल से अपने सैनिकों को 100 मीटर पीछे हटाने के लिए तैयार हो गई है। ये डोकलाम सीमा विवाद पर भारत की पहली जीत है। मैसेज में यह भी बताया गया है कि भारतीय सेना चीन को 250 मीटर पीछे हटने की कह रही है। 


इसी से जुड़े एक अन्य मैसेज में कहा जा रहा है कि भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत। चीन की सेना ग्राउंड जीरो से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार। पता चला हम मोदी को क्यों पसंद करते हैं? चीन के सरकारी 

समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक डोकलाम से चीनी सेना के 100 मीटर पीछे हटने  की खबर सही नहीं है। चीन की सेना के सूत्रों ने भी इस खबर का खंडन किया है। भारत सरकार ने भी डोकलाम में चीनी सेना के 100 मीटर पीछे हटने को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। चीनी विदेश मंत्रालय ने ऐसी खबरों का खंडन करते हुए कहा कि चीन किसी भी सूरत में अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता से समझौता नहीं करेगा। 


चीनी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि भारत तत्काल इस इलाके से अपनी सेना हटाए। चीनी समाचार पत्र चाइना डेली में प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन इस मसले पर अपने रूख को लेकर दृढ़ता और स्पष्टता से कायम है। सबसे पहले 8 अगस्त को न्यूज एजेंसी रॉयटर्ल ने सूत्रों के हवाले से ये खबर जारी की थी। इसी खबर का हवाला देते हुए चीन के सरकारी समाचार पत्र ने चीनी सेना से  बातचीत के आधार पर 100 मीटर पीछे हटने वाली बात को गलत बताया था।