डोभाल नहीं, कड़ाके की ठंड खत्म करेगी चीन से जारी टकराव

Daily news network Posted: 2017-07-17 12:41:56 IST Updated: 2017-07-17 12:41:56 IST
डोभाल नहीं, कड़ाके की ठंड खत्म करेगी चीन से जारी टकराव
  • कड़ी ठंड के बीच दोनों तरफ की सेनाओं के लिए इलाके में टिके रहना मुश्किल हो जाएगा

बीजिंग।

चीन की सरकार के थिंकटैंक से जुड़े एक विशेषज्ञ ने कहा है कि भारत और चीन के बीच डोकलाम को लेकर चल रहा गतिरोध तब तक खिंच सकता है, जब तक कि इस इलाके में कड़ी ठंड पडऩी शुरु नहीं हो जाती। कड़ी ठंड के बीच दोनों तरफ की सेनाओं के लिए इलाके में टिके रहना मुश्किल हो जाएगा। उनका यह भी मानना है कि भारत से सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के चीन के दौर के वक्त इस मुद्दे पर कोई औपचारिक बातचीत होने की संभावना नहीं है। 



चीनी सरकार के थिंकटैंक, इंस्टिटयूट ऑफ साउथ एंड साउथ ईस्ट एशियन एंड ओशन स्टडीज के डायरेक्टर हू शिशेंग ने एक इंटरव्यू में कहा कि हमारा आधिकारिक स्टैंड यह है कि जब तक भारतीय सेना डोकलाम में पीछे नहीं हटती, तब तक कोई बात नहीं होगी। अगर इन हालात में बात होती है तो बॉर्डर विवाद से वाकिफ चीन के आम लोगों में असहज भावनाएं भड़क सकती है। हू ने कहा कि हालात इसलिए भी ज्यादा बिगड़ गए हैं, क्योंकि अब कोई भी पक्ष पीछे हटकर खुद को अपने देश में हारा हुआ नहीं दिखाना चाहता है। 



उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बैठकर बात करने की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि चीन की तरफ से बातचीत के लिए रखी गई शर्त एकदम साफ है। निजी तौर पर मुझे लगता है कि बॉर्डर के इलाके का यह विवाद तब तक चलेगा जब तक कि वहां मौसम नहीं बदलता। असहनीय ठंड की मार झेलना दोनों पक्षों के लिए मुश्किल होगा और फिर दोनों सेनाएं पीछे हट सकती हैं। भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इस महीने के आखिर में चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। 



विश्लेषकों का कहना है कि चीन डोभाल को इशारों में यह बताने की कोशिश कर सकता है कि उनके लिए चीन को बातचीत के लिए तब तक मना पाना मुश्किल है, जब तक कि भारतीय सेना डोकलाम में पीछे नहीं हटती। बता दें कि डोभाल 27 और 28 जुलाई को ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका (ब्रिक्स) के सुरक्षा सलाहकारों की मीटिंग में शामिल होने चीन जाएंगे।