चीन की धमकी, भारत ने दलाई लामा कार्ड खेला तो बड़ी कीमत चुकानी होगी

Daily news network Posted: 2017-04-21 18:07:44 IST Updated: 2017-04-21 18:07:44 IST
चीन की धमकी, भारत ने दलाई लामा कार्ड खेला तो बड़ी कीमत चुकानी होगी

बीजिंग। भारत ने दलाई लामा कार्ड खेला तो उसे बड़ी कीमत चुकानी होगी। शुक्रवार को यह चेतावनी चीनी मीडिया ने दी। चीन के सरकारी मीडिया ने कहा कि अगर भारत ने दलाई लामा का तुच्छ खेल खेलना जारी रखा तो उसे बहुत भारी कीमत चुकानी होगी। 


सरकारी समाचार पत्र ग्लोबल टाइम्स में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि भारत सिर्फ इसलिए अरुणाचल प्रदेश को अपना नहीं मान सकता कि दलाई लामा ऐसा कहते हैं। हाल ही में दलाई लामा ने अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था,इस पर चीन ने आपत्ति दर्ज कराई थी। चीन ने अरुणाचल प्रदेश के 6 स्थानों का नाम बदलने पर भारत की प्रतिक्रिया को बेतुका करार दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा,चीन को अरुणाचल प्रदेश की जगहों के नाम बदलने का कानूनी हक है। भारत-चीन सीमा के पूर्वी हिस्से पर चीन की पोजिशन बिल्कुल साफ है। 


करीब एक हफ्ते पहले चीन ने अपने नक्शे पर अरुणाचल प्रदेश की 6 जगहों के नाम बदल लिए थे। इस पर भारत ने कहा था कि चीन के लिए यह मुखर्तापूण है कि वह विभिन्न काउंटियों के नाम तो नहीं रख पाया जबिक उन्हें अरुणाचल प्रदेश के 6 स्थानों पर मढ़ रहा है। केन्द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा था,अरुणाचल प्रदेश की एक एक इंच जमीन भारत की है। चीन को भारतीय शहरों के नाम बदलने का हक नहीं है।


ग्लोबल टाइम्स में भारत खेल रहा दलाई कार्ड,चीन के साथ क्षेत्रीय विवाद बदतर हुआ,शीर्षक से छपे लेख में भारत के बयानों को चीन के लिए बेवकूफी भरे कहा गया है। लिखा गया है, यह वक्त भारत के लिए कुछ गंभीरता से सोचने का है कि चीन ने साउथ तिब्बत(अरुणाचल प्रदेश को चीन की ओर से दिया गया नाम)की 6 जगहों के नामों में बदलाव का अभी ऐलान क्यों किया। दलाई लामा का कार्ड खेलना नई दिल्ली के लिए कभी भी अक्लमंदी भरा चयन नहीं रहा है। अगर भारत यह तुच्छ खेल जारी रखना चाहता है तो यह इसके लिए सिर्फ भारी कीमत चुकाने के साथ ही खत्म होगा। दक्षिण तिब्बत ऐतिहासिक रूप से चीन का हिस्सा रहा है और वहां के नाम स्थानीय जातिय संस्कृति का हिस्सा है। चीनी सरकार के लिए स्थानों के मानकीकृत नाम रखना जायज है। भारत और चीन 20 साल से सीमा विवाद का हल निकालने की कोशिश कर रहे है। 19 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन कोई हल नहीं निकला। दोनों देशों के बीच 3488 किलोमीटर लंबी(वास्तविक नियंत्रण रेखा)को लेकर विवाद है। चीन का दावा है कि अरुणाचल पारंपरिक तौर पर दक्षिण तिब्बत का हिस्सा है। वहीं भारत अक्साई चिन इलाके को अपना बताता है।