शहीद होने से पहले IAF के बहादुर पायलट्स के एक फैसले ने बचाईं कई जिंदगियां

Daily news network Posted: 2017-07-16 10:22:31 IST Updated: 2017-07-16 10:22:31 IST
शहीद होने से पहले IAF के बहादुर पायलट्स के एक फैसले ने बचाईं कई जिंदगियां
  • पिछले दिनों इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) ने एक हादसे में फिर से अपने दो बहादुरों को गंवा दिया

तेजपुर।

पिछले दिनों इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) ने एक हादसे में फिर से अपने दो बहादुरों को गंवा दिया। विंग कमांडर मनदीप सिंह ढिल्लन और फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह समेत सार्जेंट गुर्जर एक हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद हो गए। शहीद होने से पहले इन बहादुरों ने देश के लिए अपना फर्ज निभाया और बाढ़ में फंसे 169 लोगों की जिंदगियों की रक्षा की।


विंग कमांडर मनदीप सिंह को ग्रीन मास्टर कैट-ए के पायलट थे। 4 जुलाई को अरुणाचल प्रदेश के जगलों में बाढ़ आ गई, जिसमें बहुत सारे लोग फंस गए। ढिल्लों और उनकी टीम को इन लोगों के बचाव कार्य में लगाया गया। 5 बार में उन्होंने करीब 169 लोगों को बचा लिया, लेकिन जब छठी बार 6 लोगों को बचाने गए तो वापिस नहीं लौटे। उनका हैलीकॉप्टर क्रैश हो गया जो 6 जुलाई को मिला। तेजपुर में परिवार ने उनका संस्कार किया। 


फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद कुमार सिंह और विंग कमांडर मनदीप सिंह ढिल्लन दोनों ही असम के तेजपुर स्थित एयरफोर्स की 115वीं हेलीकॉप्टर यूनिट में पोस्टेड थे। दोनों को अरुणाचल प्रदेश के पापुन पारे जिले में भूस्खलन के बाद आई भयंकर बाढ़ में राहत कार्य के लिए लगाया गया था। अरुणाचल प्रदेश सरकार के अनुरोध के बाद दोनों सैंकड़ों लोगों की जान बचाने के लिए बिना समय गंवाएं रवाना हो गए। 


एक फ्लाइट इंजीनियर और अरुणाचल प्रदेश पुलिस के एक जवान के साथ विंग कमांडर ढिल्लन और फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर ध्रुव के साथ सागली रवाना हुए। मौसम लगातार बिगड़ता जा रहा था लेकिन फिर भी दोनों ने हार नहीं मानी। दोनों जिस समय सागली गांव के लिए छठवीं सॉर्टी के लिए रवाना होने वाले थे, मौसम और बिगड़ गया। दोनों ने फैसला किया कि वे आम नागरिकों की जिंदगियों को खतरे में नहीं डालेंगे। इसके साथ ही उन्होंने और लोगों को हेलीकॉप्टर पर न लेने का मन बनाया। गांव से टेक ऑफ करने के कुछ ही मिनटों बाद रडार से हेलीकॉप्टर का संपर्क टूट गया। इसके बाद हेलिकॉप्टर के क्रैश होने की खबर आई। 


फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद आगरा के रहने वाले थे और उनकी पत्नी अदिति भी एक एयरफोर्स ऑफिसर हैं। अदिति एयरफोर्स में स्क्वाड्रन लीडर हैं। वहीं शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रमोद के बड़े भाई सेना में हैं और उनका नाम मेजर प्रवीण सिंह है। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिंह के पिता भी सेना से रिटायर हैं। इतनी कम उम्र में अपने बेटे के चले जाने से दोनों सदमे में हैं लेकिन उन्हें इस बात का गर्व हैं कि उनके बेटे ने लोगों की रक्षा में अपने प्राण त्यागे।