चीन की हर चाल को नाकाम करेगा भारत का ये अनोखा 'हथियार', जानिए इसकी खासियत

Daily news network Posted: 2017-12-08 10:24:09 IST Updated: 2017-12-08 10:24:09 IST
चीन की हर चाल को नाकाम करेगा भारत का ये अनोखा 'हथियार', जानिए इसकी खासियत

अरुणाचल प्रदेश

नोएडा की एक स्टार्टअप कंपनी द्वारा तैयार किया गया अनोखा ड्रोन आने वाले कुछ साल में चीन की निगरानी करता हुआ दिखाई देगा। ये ड्रोन अरुणाचल प्रदेश के तवांग के आसमान में करीब 65000 फुट की ऊंचाई से चीन की हर हरकत पर पैनी नजर रखेगा। कहा जा रहा है कि यह ड्रोन निगरानी उपग्रहों की जगह ले सकता है, जिन्‍हें किसी खास जगह की

हाई रिजोल्‍यूशन तस्‍वीरें लेने के लिए सही जगह पर लाने में अपने सीमित

ईंधन को खर्च करना पड़ता है।



न्‍यूस्‍पेस रिसर्च एंड टेक्‍नोलॉजिस द्वारा विकसित यह ड्रोन भारत में निजी क्षेत्र द्वारा डिजाइन किया गया पहला एयरक्राफ्ट है। इससे जुड़ा सारा रिसर्च और डेवलपमेंट का काम कंपनी ने अपने यहां ही किया है, जिसे ऐयरोस्‍पेस की दिग्‍गज कंपनी बोइंग ने भी मान्‍यता दी है। इस ड्रोन की पहली उड़ान जिसे HAPS यानी हाई ऑल्‍टीट्यूड सूडो सैटेलाइट (High Altitude Pseudo Satellite) श्रेणी में रखा गया है, 2019 के लिए निर्धारित है।


बोइंग के सूत्रों ने बताया कि वो इस एयरक्राफ्ट के डिजाइन से खासे प्रभावित हैं। उन्‍होंने इसे एयरोस्‍पेस इंजीनियरिंग में मील का पत्‍थर भी बताया। न्‍यूस्‍पेस को उम्‍मीद है कि भारत समेत दुनिया के अन्‍य देशों में भेजे जाने से पहले उसे अपने डिजाइन को और ज्‍यादा बेहतर करने में उसे बोइंग के लंबे समय के शानदार अनुभव से मदद मिलेगी। साथ ही ड्रोन के लिए जरूरी सेंसर भी उसे मिलने की उम्‍मीद है। बोइंग और न्‍यूस्‍पेस दोनों के ही सूत्रों को यकीन है कि यह प्‍लेटफॉर्म दुनिया में अग्रणी बन सकता है।


वर्तमान में कुछ बड़ी कंपनियां ही ऐसे सिस्‍टम पर काम कर रही हैं, इनमें शामिल हैं एयरबस का Zephyr ड्रोन, चीन की एवीआईसी जो मॉर्निंग स्‍टार नाम के ड्रोन का विकास कर रहा है और सोशल नेटवर्किंग दिग्‍गज कंपनी फेसबुक जिसके पहले यूएवी (UAV) अकीला ने पिछले साल जून में उड़ान भरी थी। लंदन ने Zephyr ड्रोन को बेहद उच्‍च क्षमता की निगरानी के लिए खरीदा जबकि फेसबुक को उम्‍मीद है कि यूएवी अकीला के समूहों का उपयोग कर वह 10 गीगाबाइट प्रति सेकेंड की स्‍पीड से इंटरनेट को लोगों तक पहुंचा सकता है।