'इंदिरा गांधी ने भी 14 राज्यों को गो हत्या पर बैन के लिए कहा था'

Daily news network Posted: 2017-06-14 13:02:39 IST Updated: 2017-06-14 13:02:39 IST
'इंदिरा गांधी ने भी 14 राज्यों को गो हत्या पर बैन के लिए कहा था'
  • यूडीपी के विधायक पॉल लिंगदोह ने कहा कि 1982 में इंदिरा गांधी ने गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था।

शिलॉन्ग।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1980 के दशक में कुछ राज्यों को गो हत्या पर प्रतिबंध के  लिए कहा था। वध के लिए मवेशियों की खरीद व बिक्री पर रोक से संबंधित केन्द्र के नोटिफिकेशन के विरोध मेंमेघालय की विधानसभा में लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान यूडीपी के विधायक पॉल लिंगदोह ने कहा कि 1982 में इंदिरा गांधी ने गो हत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा था।


उन्होंने बूचडख़ानों के निरीक्षण के लिए एक कमेटी भी बनाई थी। 1979 में जब मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे,तब भी गो हत्या पर पर प्रतिबंध के लिए कदम उठाया गया था। लिंगदोह ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में भी कोशिशें हुई है। विधानसभा में लाए गए प्रस्ताव का समर्थन करते हुए लिंगदोह ने कहा कि भीमराव अंबेडकर जैसे दूरदर्शी नेताओं ने गो हत्या पर प्रतिबंध के मुद्दे को यूनियन लिस्ट में नहीं लाकर फेडरल स्ट्रक्चर का समर्थन किया था।


लिंगदोह ने कहा कि कैटल रूल्स पर केन्द्र के नोटिफिकेशन में विभिन्न असंगतियां हैं। एक्ट से देश का फेडरल फैब्रिक डिस्टर्ब होता है। लिंगदोह ने कहा कि राज्य सरकार कैटल रूल्स पर प्रस्ताव को लॉजिकल एंड तक ले जाए अन्यथा इसका हाल भी पूर्व में राज्य सरकार की ओर से पारित प्रस्तावों जैसा होगा। लिंगदोह ने कहा कि सिर्फ प्रस्ताव पारित करने से कुछ नहीं होगा। सरकार की ओर से कोशिशें की जानी चाहिए। सरकार को दृढ़तापूर्वक यह दिखाना होगा कि वह  स्वदेशी लोगों के अधिकारों को लेकर गंभीर है और हम अपनी खाने की आदतों के साथ समझौता करने के मूड में नहीं है।


उन्होंने मवेशियों से संबंधित मुद्दों को लेकर लोगों पर होने वाले अत्याचार के बारे में बताते हुए लिंगदोह ने याद दिलाया कि एक वक्त यूरोप में पागल गाय से बीमारी फैली थी जो अब भारत में फैल चुकी है। अगर हम यह कहने में यकीन रखते हैं कि एक व्यक्ति का खाना दूसरे व्यक्ति के लिए जहर है तो लोगों की खाने की आदतों में हस्तक्षेप नहीं करने की कोई वजह नहीं रहती।