तिपरालैंड की मांग को लेकर आईपीएफटी के समर्थकों ने किया न्यूड प्रोटेस्ट

Daily news network Posted: 2017-07-14 10:51:49 IST Updated: 2017-07-14 10:51:49 IST
तिपरालैंड की मांग को लेकर आईपीएफटी के समर्थकों ने किया न्यूड प्रोटेस्ट
  • आईपीएफटी के 14 समर्थकों ने तिपरालैंड की मांग को लेकर बुधवार को वेस्ट त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के खामतिंगबारी में नग्न प्रदर्शन किया

अगरतला।

आईपीएफटी के 14 समर्थकों ने तिपरालैंड की मांग को लेकर बुधवार को वेस्ट त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट के खामतिंगबारी में नग्न प्रदर्शन किया। यह अजीब तरीके से ध्यान आकर्षित करने की कोशिश का हिस्सा था। तिपरालैंड की मांग को लेकर आईपीएफटी रेल व रोड रोको आंदोलन चला रहा है। आंदोलन के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे लाइन को जाम कर दिया गया। इससे राज्य का देश के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया।


नग्न प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही वेस्ट त्रिपुरा के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डॉ मिलिंद रामतेके और वेस्ट त्रिपुरा के एसपी नग्न प्रदर्शन को रोकने के लिए स्पॉट पर पहुंचे। जगह का दौरा करने के बाद डीएम ने कहा कि आईपीएफटी के 14 समर्थकों ने बारामूला हिल रेंज की तलहटी में बसे चंपाकनगर में सुबह 8 बजे नग्न प्रदर्शन किया हालांकि यह ज्यादा देर तक नहीं चला। बकौल डीएम, मैंने उनके नेताओं को स्पॉट पर बुलाया और उनसे कहा कि नग्न प्रदर्शन बहुत आपत्तिजनक है। छोटी सी मीटिंग के बाद आईपीएफटी के नेता उन्हें ले गए। खामतिंगबारी में डेरा डाले एसपी ने कहा, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे की नाकेबंदी जारी रही लेकिन कड़ी सुरक्षा के बीच स्थिति नियंत्रण में थी। 


इस बीच आईपीएफटी ने त्रिपुरा के स्वदेशी लोगों की लंबे समय से चल रही समस्या के चिरस्थायी समाधान के लिए राज्यपाल तथागत रॉय से हस्तक्षेप की मांग की है। आईपीएफटी के महासचिव मेवर कुमार जमातिया ने बी.देबबर्मा के साथ राज्यपाल से मंगलवार रात राजभवन में मुलाकात की और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आईपीएफटी के महासचिव जमातिया ने कहा कि पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी ज्ञापन सौंपा है ताकि तिपरालैंड बनाने को लेकर दबाव बनाया जा सके।


प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह ने 17 मई को दिल्ली में पार्टी नेताओं से मुलाकात की थी। मीटिंग में आईपीएफटी के नेताओं ने जितेन्द्र सिंह से द्विपक्षीय या त्रिपक्षीय संवाद की व्यवस्था करने के लिए पहल करने को कहा था। आईपीएफटी का दावा है कि नए राज्यों के राष्ट्रीय संघ के नेता,प्रधानंत्री कार्यालय और केन्द्रीय गृह मंत्रालय तिपरालैंड की मांग को लेकर जारी आंदोलन पर करीब से नजर रखे हुए है।