तिपरालैण्ड की मांग को लेकर मोदी सरकार से वार्ता करेगी आईपीएफटी

Daily news network Posted: 2017-07-14 17:08:38 IST Updated: 2017-07-14 17:08:38 IST
तिपरालैण्ड की मांग को लेकर मोदी सरकार से वार्ता करेगी आईपीएफटी
  • त्रिपुरा की ट्राइबल पार्टी का प्रतिनिधिमंडल अलग राज्य की मांग को लेकर केन्द्र सरकार से चर्चा करेगा।

अगरतला।

त्रिपुरा की ट्राइबल पार्टी का प्रतिनिधिमंडल अलग राज्य की मांग को लेकर केन्द्र सरकार से चर्चा करेगा। तिपरालैंड की मांग को लेकर आईपीएफटी का पिछले चार दिन से रेल व रोड रोको आंदोलन चल रहा है। आंदोलन के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य के एकमात्र रेलवे ट्रैक को जाम कर रखा है। इससे आम लोगों को भारी दिक्कतें पेश आ रही है। आईपीएफटी ने अलग राज्य की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बनाने के लिए त्रिपुरा की लाईफ लाइन राष्ट्रीय राजमार्ग-8 और राज्य के एकमात्र रेलवे ट्रैक को जाम कर रखा है।

आईपीएफटी के महासचिव मेवार कुमार जमातिया और पार्टी की युवा शाखा के अध्यक्ष धन प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ जितेन्द्र सिंह, केन्द्रीय गृह मंत्री और गृह मंत्रालय के अधिकारियों से मिलने के लिए गुरुवार सुबह अगरतला से दिल्ली के लिए रवाना हुए। आईपीएफटी के रेल व रोड रोको आंदोलन के कारण बाजारों में आवश्यक वस्तुओं,पेट्रोल व डीजल, खाने की जरूरी चीजों की आपूर्ति का संकट पैदा हो गया है। मेवार कुमार जमातिया ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा, हम जितेन्द्र सिंह, गृह मंत्री और गृह मंत्रालय के अधिकारियों से मिलेंगे। उनसे हमारी मांग को लेकर चर्चा करेंगे। आंदोलन जारी रहेगा या खत्म होगा,यह दिल्ली में होने वाली बैठक के नतीजे पर निर्भर करेगा। हम पहले ही राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग कर चुके हैं। केन्द्र, राज्य सरकार और हमारे बीच होने वाली त्रिपक्षीय बैठक में मामले का हल निकलेगा।

जमातिया ने कहा, 2009 से आईपीएफटी अलग राज्य की मांग को लेकर आंदोल कर रही है। हमारी मांग है कि त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल को अपग्रेड कर अलग राज्य बनाया जाए। राज्य की लेफ्ट फ्रंट सरकार और केन्द्र की पूर्ववर्ती यूपीए सरकार ने हमारी मांग को लेकर तवज्जो नहीं दी। हमारी आखिरी मीटिंग दिल्ली में 17 मई को जितेन्द्र सिंह से हुई थी। इस दौरान हमारी मांगों पर चर्चा हुई। मंत्री ने हमारी मांगों पर विचार करने का वादा किया था। उन्होंने आश्वासन दिया था कि हमारी मांग को लेकर त्रिपक्षीय बैठक बुलाई जाएगी,जिसमें केन्द्र,राज्य सरकार और आईपीएफटी शामिल होगी। जितेन्द्र सिंह पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार) हैं। आईपीएफटी नेता ने कहा,दिल्ली में नेशनल फेडरेशन ऑफ न्यू स्टेट्स ने पीएमओ और गृह मंत्रालय के समक्ष यह मसला उठाया था। हमने त्रिपुरा के राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था। इसमें राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की गई थी।

माणिक सरकार के नेतृत्व वाली लेफ्ट फ्रंट सरकार ने आईपीएफटी की मांग और उसके आंदोलन दोनों का मजबूती से विरोध किया है। सरकार ने बारामुरा हिल रेंज के आस पास सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।

बारामुरा हिल रेंज से ही राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य की एकमात्र रेलवे लाइन गुजरती है। सीपीएम,कांग्रेस और भाजपा सहित ज्यादातर पार्टियों ने आईपीएफटी की मांग को ठुकराते हुए कहा है कि त्रिपुरा जैसे छोटे राज्य का बंटवार प्रैक्टिकल नहीं है। राज्य के सूचना एवं संसंस्कृति मामलों के मंत्री भानुलाल साहा ने कहा, राज्य सरकार एक बार फिर आईपीएफटी से अनुरोध करती है कि वह लोगों की पीड़ाओं को ध्यान में रखते हुए अपना आंदोलन वापस ले ले।