बेहद रोमांटिक है यह हिल स्टेशन, जन्नत के जैसा है नजारा

Daily news network Posted: 2017-10-12 19:15:29 IST Updated: 2017-10-12 19:15:29 IST
बेहद रोमांटिक है यह हिल स्टेशन, जन्नत के जैसा है नजारा
  • हिमाचल प्रदेश की राजधानी और ब्रिटिश कालीन समय में ग्रीष्‍म कालीन राजधानी शिमला राज्‍य का सबसे महत्‍वपूर्ण पर्यटन केन्‍द्र है। यहां का नाम देवी श्‍यामला के नाम पर रखा गया है जो काली का अवतार है।

हिमाचल प्रदेश की राजधानी और ब्रिटिश कालीन समय में ग्रीष्‍म कालीन राजधानी शिमला राज्‍य का सबसे महत्‍वपूर्ण पर्यटन केन्‍द्र है। यहां का नाम देवी श्‍यामला के नाम पर रखा गया है जो काली का अवतार है। 

शिमला लगभग 7267 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और यह अर्ध चक्र आकार में बसा हुआ है। यहां घाटी का सुंदर दृश्‍य दिखाई देता है और महान हिमालय पर्वती की चोटियां चारों ओर दिखाई देती है। 

शिमला एक पहाड़ी पर फैला हुआ है जो करीब 12 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में है। इसके पड़ोस में घने जंगल और टेढ़े-मेढे़ रास्ते हैं, जहां पर हर मोड़ पर मनोहारी दृश्य देखने को मिलते हैं। यह एक आधुनिक व्यावसायिक केंद्र भी है। शिमला विश्व का एक महत्त्वपूर्ण पर्यटन स्थल है। 

यहां प्रत्येक वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में लोग भ्रमण के लिए आते हैं। बर्फ से ढकी हुई यहां की पहाडि़यों में बड़े सुंदर दृश्य देखने को मिलते हैं जो पर्यटकों को बार-बार आने के लिए आकर्षित करते हैं। 

संग्रहालय

यहां हिमाचल प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की संस्कृति, परिवेश, लोककलाओं, लघु पहाड़ी चित्रों, पुस्तकों, मुगल, राजस्थानी और समकालीन पेंटिंग्स, विभिन्न कांस्य कलाकृतियां, टिकट संग्रह, मानवविज्ञान संबंधित चीजें देखने को मिलती हैं।

रिज

शहर के बीच में एक बड़ा और खुला स्थान है, जिसे रिज कहते हैं। यहां से पर्वत शृंखलाओं का सुंदर दृश्य देखा जा सकता है। यह शिमला की सभी सांस्कृतिक गतिविधियों का हब है। यह माल रोड के साथ ही है। आसपास के क्षेत्रों में जाने के लिए आप सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच उपलब्ध स्थानीय बस सेवा का उपयोग कर सकते हैं। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा टूरिस्ट बसें भी चलाई जाती हैं जिन की बुकिंग माल रोड पर स्थित पर्यटक सूचना केंद्र से होती है।

चैल

शिमला के निकट बसा एक छोटा सा गांव चैल है। इस के चारों ओर घने वन हैं। यहां से हिमाचल की चोटियों पर हिम को देखा जा सकता है। सतलुज नदी के दोनों ओर स्थित कसौली और शिमला से इस की दूरी बराबर है। चैल का सब से आकर्षक क्षेत्र पहाड़ी के ऊपर बना क्रिकेट का मैदान है जिसे विश्व का सब से ऊंचाई वाला स्टेडियम माना जाता है।

कुफरी

यहां की खूबसूरती देखते ही बनती है। यह स्थान शिमला से 16 किलोमीटर दूर 2,510 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां पर कई तरह के बर्फ के खेल खेले जाते हैं। पर्यटकों के लिए यहां स्कीइंग की विशेष व्यवस्था है।

जाखू पहाड़ी

यह शिमला से 2 किलोमीटर दूर है जो 2,455 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां से सूर्योदय का दृश्य अत्यंत खूबसूरत दिखाई देता है।

तत्तापानी

शिमलामनाली मार्ग पर बरास्ता नालदेहरा सड़क पर स्थित तत्तापानी में गरम पानी के झरने हैं, जिन का पानी सल्फर मिश्रित है।

चाडविक फौल्स

शिमला से 7 किलोमीटर दूर 1,586 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झरना पर्यटकों को खास आकर्षित करता है। अगर आप को पैदल घूमने का शौक है तो समर हिल चौक से लगभग 45 मिनट की पैदल दूरी से यहां पहुंचा जा सकता है। यह हरीभरी झाडि़यों से घिरा एक आकर्षक झरना है। इस झरने की संगीतमय मनमोहक ध्वनि सैलानियों के दिलोदिमाग में ताजगी भर देती है। यहां सैलानी प्रकृति के विभिन्न रूपों से रूबरू होते हैं।

नारकंडा

हिंदुस्तानतिब्बत मार्ग पर स्थित नारकंडा के बर्फ से ढकी पर्वत शृंखला के सुंदर दृश्य देखे जा सकते हैं। देवदार के जंगलों से घिरा ऊपर की ओर जाता मार्ग हाटु चोटी तक जाता है।

नालदेहरा

यह शिमला से 23 किलोमीटर दूर 2,044 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यहां गोल्फ का मैदान है। अप्रैलमई का महीना इस जगह को देखने के लिए सब से अच्छा समय है। नालदेहरा पिकनिक स्पौट और घुड़सवारी के लिए भी प्रसिद्ध है।

रामपुर

यह शहर सतलुज नदी के किनारे स्थित है। यह एक बड़ा वाणिज्यिक केंद्र है जो प्रतिवर्ष नवंबर में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय लाबी मेले के लिए प्रसिद्ध है।

कसौली

कालकाशिमला मार्ग पर स्थित कसौली काफी खूबसूरत है। कसौली में कई दर्शनीय स्थल हैं जहां प्राकृतिक सौंदर्य का नजारा देखा जा सकता है। बलूत, चीड़ और घोड़ों के लिए बनी सुरंगों से संपूर्ण क्षेत्र अत्यंत खूबसूरत लगता है।

कब जाएं

वैसे तो शिमला किसी भी मौसम में घूमने जाया जा सकता है। लेकिन यहां आने का सब से अच्छा समय अप्रैल से जून और अक्तूबर से नवंबर का होता है। अगर आप को बर्फ पर स्कीइंग का शौक है तो जनवरी से मार्च मध्य तक का समय अच्छा है। सर्दी का मौसम स्कीइंग और आइस स्केटिंग का आनंद उठाने के लिए सब से अच्छा होता है जबकि दर्शनीय स्थलों की यात्रा और ट्रैकिंग के लिए गरमी का मौसम आदर्श होता है।

कैसे जाएं

मण्डी हिमाचल प्रदेश के केंद्र में एक छोटा सा कस्बा है जहां अधिकांशतः लोग दिल्ली अथवा चंडीगढ़ होकर पहुंचते हैं। यहां पहुंचने के ये दो विकल्प हैं।

दिल्ली पहुंचने पर अंतर्राज्यीय बस अड्डा (आईएसबीटी) कश्मीरी गेट जाएं, वहां से मनाली अथवा मण्डी जाने वाली बसें प्लेटफॉर्म संख्या 6-8 से चलती हैं। दिल्ली से मण्डी की दूरी 475 कि.मी. है जिसे बस द्वारा लगभग 12 घंटे में तय किया जा सकता है।