पूर्वोत्तर के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश विशेष भत्ते के हकदार नहीं

Daily news network Posted: 2017-12-04 15:51:14 IST Updated: 2017-12-04 15:51:14 IST
पूर्वोत्तर के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश विशेष भत्ते के हकदार नहीं
  • देश के पूर्वोत्तर राज्यों के चार उच्च न्यायालयों में नियुक्त न्यायाधीश उस विशेष आर्थिक भत्ते के हकदार नहीं है जो अखिल भारतीय सेवाओं के पूर्वोत्तर कैडर के सभी अधिकारियों को प्राप्त है । कानून मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए यह बात गौहाटी उच्च न्यायालय को बताई ।

नई दिल्ली

नई दिल्ली । देश के पूर्वोत्तर राज्यों के चार उच्च न्यायालयों में नियुक्त न्यायाधीश उस विशेष आर्थिक भत्ते के हकदार नहीं है जो अखिल भारतीय सेवाओं के पूर्वोत्तर कैडर के सभी अधिकारियों को प्राप्त है । कानून मंत्रालय ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का हवाला देते हुए यह बात गौहाटी उच्च न्यायालय को बताई । 

कानून मंत्रालय के न्याय विभाग ने गौहाटी उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार  जनरल को सूचित किया, पूर्वोत्तर राज्यों के उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों को अतिरिक्त आर्थिक प्रोत्साहन भत्ते के अनुदान के लिए दिए गए प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी है । 

इस मुहे पर उच्चतम न्यायालय के सितंबर 2015 के फैसले का संदर्भ देते हुए न्याय विभाग ने कहा कि इस मामले को फिर है कार्मिक विभाग को भेजा गया है । पिछले  महीने की 27 तारीख को भेजे गए पत्र में कहा गया, हालांकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि सातवें वेतन आयोग ने अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी को मिलने वाले विशेष भत्ते को किसी अन्य सेवा को नहीं देने  की अनुसंशा की है और सरकार ने इस सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। 

पत्र में इस बात पर ध्यान दिलाया गया कि पूर्वोत्तर कैडर के अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों को अन्य भत्तों के अलावा उनके मूल वेतन का 25 प्रतिशत विशेष भत्ते के रूप में दिया जाएगा ताकि वह लंबी अवधि तक यहाँ काम करें । 

गुवाहाटी, मेघालय, मणिपुर और त्रिपुरा के उच्च न्यायालयों में कुल 24 न्यायाचीश नियुक्त है । कानून मंत्रालय की और है हाल में जारी किए गए आंकडों के मुताबिक इन अदालतों में न्यायाधीशों की संख्या 37 है यानि यहां 13 न्यायाधीशो की कमी है।