2 अक्टूबर से विजिटर्स के लिए खुल जाएगा काजीरंगा नेशनल पार्क

Daily news network Posted: 2017-09-14 17:43:38 IST Updated: 2017-09-14 17:43:38 IST
2 अक्टूबर से विजिटर्स के लिए खुल जाएगा काजीरंगा नेशनल पार्क
  • असम का मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क 2 अक्टूबर से विजिटर्स के लिए खुल जाएगा। पिछले साल भी इसी वक्त पार्क खोला गया था।

गुवाहाटी।

असम का मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क 2 अक्टूबर से विजिटर्स के लिए खुल जाएगा। पिछले साल भी इसी वक्त पार्क खोला गया था। हालांकि पार्क सामान्यतया 1 नवंबर को खुलता है लेकिन पिछली बार की तरह इसे एक माह पहले खोला जा रहा है। पार्क अधिकारियों ने कहा कि सिर्फ दो फोरेस्ट रेंज कोहोरा और बागरोई को शुरुआत में खोला जाएगा क्योंकि बाढ़ के कारण काजीरंगा नेशनल पार्क के इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान हुआ है। पार्क के ईस्टन साइड में स्थित अगोरातोली फोरेस्ट रेंज को कुछ समय के लिए विजिटर्स के लिए बंद रखा जाएगा। विजिटर्स सर्किट्स से लगी सड़कों को तैयार किया जा रहा है ताकि जंगल सफारी संभव हो सके। काजीरंगा में जुलाई और अगस्त में आई बाढ़ का प्रभाव वहां पर बहुत ज्यादा है

और इस पर काबू पाने में कुछ और वक्त लगेगा। अधिकारी ने कहा कि इस वक्त हम विजिटर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर फोकस कर रहे हैं। पार्क को समय से पहले खोलने की एक वजह सैलानियों की भीड़ को कम करना है। पार्क के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि विजिटर्स के लिए पार्क खोलना का सामान्य टाइम जो कि 1 नवंबर है, उन्हें क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर की मरम्मत के लिए पर्याप्त वक्त देगा। साथ ही फील्ड स्टाफ जो पिछले दो महीने से चौबीस घंटे बाढ़ की स्थिति से निपटने में लगा हुआ है, को दुष्कर कार्य के बाद ऊर्जा को तरोताजा करने के लिए वक्त मिलेगा। पूर्व के वर्षों की तरह काजीरंगा नेशनल पार्क में बाढ़ के दौरान गैंडे के शिकार की कोई वारदात सामने नहीं आई, ऐसे जिला प्रशासन, पुलिस और वन विभाग के एक्टिव कॉ-ऑर्डिनेशन का परिणाम है।

अन्यथा जब भी काजीरंगा में बाढ़ आती है तो यह गैंडों के लिए सबसे असुरक्षित वक्त होता है। शिकारी उनका शिकार कर देते हैं। जुलाई और अगस्त में आई बाढ़ के कारण पार्क में करीब 400 जानवर मारे गए। इनमें 31 गैंडे शामिल है। ज्यादातर जानवर डूबने से मरे जबकि कुछ जानवर वाहनों की चपेट में आने के कारण मारे गए। 13 अगस्त को काजीरंगा पार्क ने तीन दशक की सबसे भयानक बाढ़ को महसूस किया जब ब्रह्मपुत्र का पानी पार्क में कुछ जगहों पर 8 मीटर तक बढ़ गया।