असम की इस लड़की ने मिस क्यूबा का खिताब जीतकर रचा था इतिहास

Daily news network Posted: 2017-05-18 13:53:23 IST Updated: 2017-05-18 14:40:38 IST
असम की इस लड़की ने मिस क्यूबा का खिताब जीतकर रचा था इतिहास
  • असम में जन्मीं वर्षा आर्मी परिवार से हैं। उनके पिता रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर हैं। वर्षा का परिवार फिलहाल पुणे में रहता है

नई दिल्ली।

असम की ये लड़की दिखने में भली ही सीधे-साधे लगे, लेकिन उन्होंने जो कारनामा किया, जो आज तक कोई भी भारतीय लड़की नहीं कर पाई है। दरअसल 25 साल की वर्षा ने पिछले साल 'मिस स्कूबा इंटरनेशनल' का ताज अपने नाम किया था। यह कॉम्पिटिशन मलेशिया के सुतेरा हॉर्बर रिजॉर्ट में आयोजित हुआ था। इसमें वर्षा के साथ 16 लड़कियां फाइनल तक पहुंची थी। यह कॉम्पीटिशन 2011 से हर साल आयोजित हो रहा है, लेकिन भारत ने पहली बार भाग लिया और विजेता भी बना। 

इस कॉम्पिटिशन उद्देश्य समुद्र और समुद्री जीवों के संरक्षण के लिए जागरूकता लाना है। इसमें फिलीपींस की मेरिल एंजेलाइन दूसरे और चीन की सून जिटॉग तीसरे नंबर पर रहीं।

इस जवाब से वर्षा ने सबको पछाड़ा

बता दें कि कॉम्पिटिशन के फाइनल राउंड में 16 कंटेंस्टेंट्स पहुंची थीं। यहां वर्षा ने एक सवाल का जवाब देकर सभी को पछाड़ दिया था। कॉम्पिटिशन के दौरान उनसे पूछा गया कि इस प्रतियोगिता के दौरान आपने सबसे महत्वपूर्ण सबक क्या सीखा है? 

इसके जवाब में वर्षा ने कहा था कि यूनाइटेड होकर हम खड़े रह सकते हैं और विभाजित होकर हम गिर सकते हैं। हमें समुद्र और समुद्री जीवों की खूबसूरती को बचाने के लिए एक साथ आगे आना होगा। इसी सवाल ने वर्षा को 16 फाइनलिस्टों से अलग किया और वे खिताब अपने नाम करने में कामयाब हुई।

असम में जन्मीं वर्षा आर्मी परिवार से हैं। उनके पिता रिटायर्ड एयरफोर्स ऑफिसर हैं। वर्षा का परिवार फिलहाल पुणे में रहता है। वर्षा मॉडल के साथ इंटरेनशनल लेवल की डांसर, कोरियाग्राफर, नेशनल लेवल की स्विमर और सर्टिफाइड डाइवर हैं। पिछले 10 साल से शहर के विमान नगर इलाके में रह रही वर्षा ने पुणे के फेमस फरग्युसन कॉलेज से पढ़ाई की है। 

एनवायरमेंटर साइंस में मास्टर की डिग्री और वेस्ट वॉटर इंजीनियरिंग में स्पेशलाइजेशन करनी वालीं वर्षा मॉडल के साथ स्टेट लेवल की रनर और नेशनल लेवल की खो-खो प्लेयर भी हैं। उन्हें कविताएं लिखने का शौक अपने पिता से मिला।

यह कॉम्पिटिशन 2011 से हर साल आयोजित हो रहा है। इसका उद्देश्य समुद्र और समुद्री जीवों के संरक्षण के लिए जागरूकता लाना है। इसमें फिलीपींस की 27 वर्षीय मेरिल एंजेलाइन दूसरे और चीन की 24 वर्षीय सून जिटॉग तीसरे नंबर पर रहीं। वर्षा की जीत में खास बात यह रही कि इस कॉम्पिटिशन में पहली बार कोई इंडियन लड़की शामिल हुई। 

वर्षा ने डाइविंग इंडस्ट्री और समुद्र संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए योजना बनाई है। इवेंट के दौरान वर्षा ने कहा कि, भारत लौटने के बाद वे सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं के साथ मिलकर समुद्री जीवों के संरक्षण को लेकर काम करेंगी।