माणिक सरकार नहीं ये हैं त्रिपुरा के सबसे गरीब नेता, संपत्ति सिर्फ 100 रुपए

Daily news network Posted: 2018-02-13 19:47:00 IST Updated: 2018-02-13 19:52:04 IST
माणिक सरकार नहीं ये हैं त्रिपुरा के सबसे गरीब नेता, संपत्ति सिर्फ 100 रुपए
  • त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार की छवि एक ईमानदार नेता की है। वे देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री है लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी कि वे प्रदेश के सबसे गरीब उम्मीदवार नहीं है।

अगरतला।

पुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार की छवि एक ईमानदार नेता की है। वे देश के सबसे गरीब मुख्यमंत्री है लेकिन आपको यह जानकार हैरानी होगी कि वे प्रदेश के सबसे गरीब उम्मीदवार नहीं है। राज्य के जिन 10 उम्मीदवारों के पास सबसे कम संपत्ति है उसमें माणिक सरकार का नाम शामिल नहीं है। एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म(एडीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम संपत्ति वाले 10 उम्मीदवारों की सूची में सीपीएम का एक भी नेता शामिल नहीं है। 

खगेन्द्र रियांग जो राइमा वैली विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं उन्हों सिर्फ 100 रुपए की चल संपत्ति की घोषणा की है। नामांकन पत्र भरते वक्त खगेन्द्र ने जो हलफनामा दिया है उसमें उन्होंने यह जानकारी दी है। खगेन्द्र त्रिपुरा पीपुल्स पार्टी के नेता हैं। प्रकारॉय रियांग ने भी सिर्फ 100 रुपए की संपत्ति की घोषणा की है। वे अंबासा सीट से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा सबसे कम संपत्ति घोषित करने वाले 10 उम्मीदवारों की सूची में या तो टीपीपी, निर्दलीय या तिप्रालैंड स्टेट पार्टी(टीएसपी) के उम्मीदवार हैं। हालांकि इस सूची में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार कुहेली दास सिन्हा पांचव स्थान पर है। 

सिन्हा ने 839 रुपए की चल संपत्ति घोषित की है। इसके अलावा दो निर्दलीय उम्मीदवारों सुदर्शन मजूमदार और कांचई मोह ने अपने हलफनामों में घोषित किया है कि उनके पास कोई संपत्ति नहीं है। सबसे अमीर उम्मीदवार भाजपा से हैं जिनका नाम है जिष्णु देववर्मा हैं। देववर्मा चारीलाम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने कुल 11 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति घोषित है। त्रिपुरा के करीब 78 फीसदी उम्मीदवारों ने उनकी इनकम टैक्स डिटेल्स घोषित नहीं की है। त्रिपुरा के 11 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति हैं। कुल 297 उम्मीदवारों में 35 ने अपनी संपत्ति 1 करोड़ से ज्यादा घोषित की है। मुख्यमंत्री माणिक सरकार पूर्वोत्तर के 8 राज्यों के मुख्यमंत्रियों में भी सबसे गरीब हैं। 

धानर सीट से नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान माणिक सरकार ने एक हलफनामा दाखिल करते हुए अपनी संपत्ति की घोषणा की थी। इसके मुताबिक माणिक सरकार के पास सिर्फ 1520 रुपए कैश हैं जबकि 2,410 रुपए बैंक खाते में है। 2013 के विधानसभा चुनाव के वक्त उन्होंने जो हलफनामा दाखिल किया था उसके मुताबिक उस दौरान उनके बैंक खाते में 9, 720.38 रुपए थे। मुख्यमंत्री के पास कृष्णानगर में 0.0118 एकड़ जमीन है। इसमें उनकी अकेली बहन भी भागीदार है। अगर पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू सबसे अमीर मुयमंत्री हैं। उनकी कुल संपत्ति 127 करोड़ रुपए है। 

इसके बाद पवन कुमार चामलिंग का नंबर आता है,जिनकी कुल संपत्ति 10.7 करोड़ है। मिजोरम के मुख्यमंत्री ललथनहवला की कुल संपत्ति 9 करोड़ रुपए है जबकि असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल की कुल संपत्ति 1.85 करोड़ रुपए है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह की कुल संपत्ति 1.56 करोड़ रुपए है। अगर पूरे देश की बात करें तो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू  सबसे अमीर मुख्यमंत्री हैं। उनकी कुल संपत्ति है 177 करोड़। इसके बाद नंबर आता है पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह का उनकी कुल संपत्ति 48 करोड़ है। आपको बता दें कि त्रिपुरा के विधानसभा चुनाव में सिर्फ 5 दिन बचे हैं। राज्य की 60 सीटों के लिए 18 फरवरी को वोटिंग होगी। 3 मार्च को नतीजे घोषित होंगे।