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मणिपुर: सीएम बीरेन सिंह ने साबित किया बहुमत,33 विधायकों का समर्थन

Patrika news network Posted: 2017-03-20 11:08:03 IST Updated: 2017-03-20 14:50:27 IST
मणिपुर: सीएम बीरेन सिंह ने साबित किया बहुमत,33 विधायकों का समर्थन
  • गोवा के बाद मणिपुर में भी भाजपा सरकार ने बहुमत साबित कर दिया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह सोमवार को विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण में पास हो गए।

इंफाल।

गोवा के बाद मणिपुर में भी भाजपा सरकार ने बहुमत साबित कर दिया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह सोमवार को विधानसभा में हुए शक्ति परीक्षण में पास हो गए।  60 सदस्यों वाली विधानसभा में 33 विधायकों ने उनकी सरकार को समर्थन दिया। भाजपा के यमनम खेमचंद सिंह को विधानसभा का स्पीकर चुना गया है। मणिपुर में पहली बार भाजपा की सरकार बनी है।

60 सदस्यों वाली मणिपुर विधानसभा में बहुमत के लिए 31 विधायकों की जरूरत थी। हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 28 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी। इसके बावजूद वह सरकार नहीं बना पाई। 21 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रहने वाली भाजपा ने सरकार बनाने के लिए जरूरी 31 विधायक जुटा लिए। मणिपुर में भाजपा ने पहली बार सभी 60 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। भाजपा को एनपीएफ और एनपीपी के 4-4 विधायकों ने समर्थन दिया।

तृणमूल कांग्रेस व लोजपा के 1-1 विधायक ने भी भाजपा का साथ दिया। भाजपा ज्वाइन करने वाले कांग्रेस के एक विधायक ने भी भाजपा का साथ दिया। भाजपा ने गुरुवार से ही एक निर्दलीय विधायक,तृणमूल कांग्रेस के एक विधायक समेत अपने सभी विधायकों को गुवाहाटी के एक होटल में रखा हुआ था। बीरेन सिंह ने 16 मार्च को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। भाजपा सरकार में मुख्यमंत्री बीरेन सिंह को मिलाकर कुल दो भाजपा विधायक ही मंत्री बनाए गए थे। एनपीपी के चारएनपीएफ,एलजेपी और भाजपा ज्वाइन करने वाले एक कांग्रेस विधायक को मंत्रिमण्डल में शामिल किया गया था।

11 मार्च को आए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद ही भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दावा किया था कि भाजपा पांच में से चार राज्यों में सरकार बनाएगी। गोवा और मणिपुर में सबसे बड़ा दल नहीं होने के बावजूद भाजपा ने यहां अपनी सरकारें बनाई। 56 साल के बीरेन सिंह नेशनल लेवल के फुटबॉलर रहे हैं। बाद में उन्होंने जर्नलिज्म में अपना करियर बनाया। 2002 में उन्होंने डेमोक्रेटिक पीपुल्स पार्टी से जुड़कर राजनीति में अपना सफर शुरू किया। इससे पहले वो कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे। पिछले साल अक्टूबर में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।