मणिपुर में मिरेकल मैन के नाम से मशहूर आईएएस पामे पर भीड़ का हमला

Daily news network Posted: 2017-07-14 14:57:05 IST Updated: 2017-07-14 14:57:05 IST
मणिपुर में मिरेकल मैन के नाम से मशहूर आईएएस पामे पर भीड़ का हमला
  • मणिपुर में मिरेकल मैन के नाम से मशहूर आईएएस अधिकारी आर्मस्ट्रांग पामे पर भीड़ ने हमला कर दिया।

इंफाल।

मणिपुर में मिरेकल मैन के नाम से मशहूर आईएएस अधिकारी आर्मस्ट्रांग पामे पर भीड़ ने हमला कर दिया।आर्मस्ट्रांग पामे तामेंगलोंग के डिप्टी कमिश्नर है। हमलावरों ने आरोप लगाया है कि आर्मस्ट्रांग पामे गईताओलियु फाओमेई की हत्या के मामले में आरोपी व्यक्ति का पक्ष ले रहे थे। 


पीडि़त परिवार का दावा है कि गईताओलियु का पति मुख्य दोषी है, जिसने उनकी बेटी की हत्या कर दी। उसके शव को जंगल में फेंक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि डिप्टी कमिश्नर आर्मस्ट्रांग पामे अपना वादा पूरा करने में विफल रहे हैं। उन्होंने नेटि व मैन का पक्ष लिया। इसके बाद भीड़ ने पामे पर हमला कर दिया। 


मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए आर्मस्ट्रांग पामे ने कहा हमले के दौरान उनके हाथों पर हल्की चोट लगी। पीडि़त परिवार और गुस्साए लोगों के प्रति उन्होंने सहानुभूति प्रकट की। डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय परिसर सहित चार इलाकों में धारा 144 लगा दी गई है। तामेंगलोंग बाजार, मेडिकल गेट और सीएमईएचएसस इलाके में तुरंत प्रभाव से निषेधाज्ञा लागू की गई है। 


बता दें कि आईएएस अधिकारी आर्मस्ट्रांग पामे उस वक्त चर्चा में आए थे जब उन्होंने हर हफ्ते स्कूली बच्चों के साथ अपने सरकारी बंगले पर डिनर करने का आदेश जारी किया था। उन्होंने पांचवीं से दसवीं क्लास तक के बच्चों को हर शुक्रवार खाने पर अपने घर बुलाने का फैसला लिया था। इसके लिए जिले के हर स्कूल में से 10 बच्चों को चुना जाएगा। आईएएस आर्मस्ट्रांग पाम मणिपुर के तामेंगलांग जिले के युवा डिप्टी कमिश्नर और डिप्टी मजिस्ट्रेट हैं। वे अपने अच्छे व्यवहार के लिए वहां के लोगों में काफी फेमस हैं।



डिप्टी कमिश्नर की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि बच्चों को उनके सपनों के बारे में बताने का मौका भी दिया जाएगा। वहीं, उनसे जिले के फ्यूचर के बारे में पूछा जाएगा। इस बहाने स्टूडेंट्स को जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को देखने का मौका भी मिलेगा। उन्होंने कहा  कि बचपन में डीसी बंगले और ऑफिस के पास से गुजरना होता था, तो उस दौरान मुझे अंदर घुसने की बहुत इच्छा होती थी। अब मैं खुद डीसी के पद पर हूं तो स्कूली बच्चों को बंगले पर बुलाना चाहता हूं। उम्मीद करता हूं इससे उनके सपनों को पंख मिलेंगे।