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यूपी में पार्टी की हार के बाद मायावती ने लगाया सनसनीखेज आरोप

Patrika news network Posted: 2017-03-11 15:18:05 IST Updated: 2017-03-11 15:18:05 IST
यूपी में पार्टी की हार के बाद मायावती ने लगाया सनसनीखेज आरोप
  • यूपी विधानसभा चुनाव में हार से बसपा सुप्रीमो मायावती बौखला गई है। मायावती यह बात पचा नहीं पा रही है कि मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा को भारी समर्थन कैसे मिल गया। मायावती ने अपनी हार को विनम्रता के साथ स्वीकारने की बजाय गंभीर आरोप लगाया है।

लखनऊ।

यूपी विधानसभा चुनाव में हार से बसपा सुप्रीमो मायावती बौखला गई है। मायावती यह बात पचा नहीं पा रही है कि मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा को भारी समर्थन कैसे मिल गया। मायावती ने अपनी हार को विनम्रता के साथ स्वीकारने की बजाय गंभीर आरोप लगाया है।



मायावती ने भाजपा पर ईवीएम के साथ छेड़छाड़ कर चुनाव नतीजों को प्रभावित करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। मायावती ने एक प्रेस कांफ्रेंस में चुनाव रद्द करने और यूपी व उत्तराखण्ड में दोबारा चुनाव करवाने की चुनौती दी। मायावती ने चुनाव आयोग से अपील की है कि दोनों राज्यों के नतीजों को तत्काल प्रभाव से खारिज करने और वोटिंग मशीन की जगह बैलेट पेपर की पुरानी व्यवस्था से दोबारा चुनाव करावने की मांग की है। मायावती ने बताया कि उनकी पार्टी ने इस संबंध में चुनाव आयोग को एक पत्र लिखकर शिकायत की है।



मुस्लिम बहुल इलाकों में भाजपा को मिले जन समर्थन  पर हैरानी जताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी की ओर से प्राप्त रिपोर्टों के मुताबिक मुस्लिम बहुल इलाकों में भी ज्यादातर वोट भाजपा को चले गए। इससे इन आशंकाओं को बल मिलता है कि वोटिंग मशीनों को मैनेज किया गया है। जिन इलाकों में मुस्लिम समाज का वोट 18 से 20 फीसदी है,वहां भी उनका वोट भाजपा को जाए क्या यह बात आपके गले उतर रही है?भाजपा ने एक भी मुस्लिम को टिकट नहीं दिया। दुनिया में किसी को भी इस पर यकीन नहीं होगा।



मायावती ने 2014 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी ऐसी ही आशंकाएं जताई गई थी। बिना गड़बड़ी किए भाजपा को इतने वोट नहीं मिल सकते थे। चुनाव के दौरान कई जगहों पर ऐसी चर्चा थी कि वोटिंग मशीन में कोई भी बटन दबाओ,लेकिन वोट भाजपा को ही जाता है। ऐसी ही शिकायत महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव के दौरान सुनने को मिली थी। तब उन बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। अंतिम चरण के मतदान से एक दिन पहले मेरी ओर से आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में भी एक पत्रकार ने सभी के सामने ऐसा ही सवाल मुझसे पूछा था।



उसने कहा था कि आप लोगों के सारे वोट भाजपा को जा रहे हैं लेकिन तब मुझे इस बारे में पता नहीं था। मैंने तब उसे नजरअंदाज कर दिया था। मुझे लगा था कि वो यूं ही बोल रहा है लेकिन अब मुझे एहसास हुआ कि वह ठीक कह रहा था। मायावती ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव,उत्तराखण्ड और उत्तर प्रदेश के चुनाव नतीजों को देखकर पता चलता है कि यह बहुत गंभीर मामला है। इसे नजरअंदाज करने हमारे लोकतंत्र के लिए घातक हो सकता है।



मैं भाजपा को चुनौती देती हूं। आज जो भाजपा के लोग खुश हो रहे हैं कि उन्हें बहुमत मिल गया है तो उन्होंने ऐसा गड़बड़ी करके किया है। मैं अमित शाह और नरेन्द्र मोदी को चुनौती देती हूं कि अगर वे ईमानदार हैं और उन्हें लगता है कि जो वोट उन्हें मिला है वह सही है तो वे चुनाव आयोग से अपील कर वोटिंग मशीन से हुआ यह चुनाव खारिज कराएं और पुरानी व्यवस्था के तहत बैलट पेपर द्वारा फिर से चुनाव कराएं। इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। अमरीका में भी वोटिंग मशीन से जुड़ी ऐसी शिकायतें सामने आई थी।



इसके बाद वहां फिर से मत पत्र की व्यवस्था अपनाई गई। 2019 में भी अगर ऐसा ही चुनाव हुआ तो विरोधी पार्टियों का चुनाव लडऩा बेमानी होगा। जनता का भी ईवीएम पर से भरोसा उठ गया है। मुस्लिम समाज के लोग कह रहे हैं कि जब उन्होंने भाजपा को वोट दिया ही नहीं तो फिर से वोट कैसे मिला? गोवा और पंजाब में भाजपा के खराब प्रदर्शन को अपवाद बताते हुए मायावती ने कहा,गोवा और पंजाब में भाजपा ने ऐसी छेड़छाड़ नहीं की क्योंकि उनको पकड़े जाने का डर था। उन्हें पता था कि वहां ऐसा करने पर गड़बड़ी सबके सामने आ जाएगी।