मेघालय में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के चार विधायकों ने कांग्रेस को दिया झटका

Daily news network Posted: 2017-09-16 12:49:02 IST Updated: 2017-09-16 12:49:02 IST
मेघालय में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के चार विधायकों ने कांग्रेस को दिया झटका
  • मेघालय में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है...

शिलॉन्ग। मेघालय में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को तगड़ा झटका लगा है। सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए कांग्रेस के चार मौजूदा विधायकों ने यह तय किया है कि वे इस बार पार्टी के टिकट पर विधानसभा चुनाव में नहीं लड़ेंगे। चार कांग्रेसी विधायकों में दो पूर्व कैबिनेट मंत्री शामिल है। 15 सितंबर पार्टी टिकट के लिए आवेदन फॉर्म भरने की आखिरी तारीख थी लेकिन चारों फॉर्म लेने में विफल रहे। जिन चार विधायकों ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव नहीं लडऩे का फैसला किया है उनमें पूर्व उप मुख्यमंत्री रोवेल लिंगदोह, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेस्टोन ताइनसोंग और एस धर व उनके भाई एन.धर शामिल है। 


इस तरह की अटकलें है कि प्रेस्टोन और लिंगदोह एनपीपी में शामिल हो सकते हैं। हालांकि अभी तक दोनों ने इसकी पुष्टि नहीं की है। उधर धर बंधुओं के एनपीपी या भाजपा में शामिल होने की चर्चा है। आपको बता दें कि लिंगदोह को ए.एल.हेक के साथ 2016 में मंत्री पद से हटा दिया गया था जबकि प्रेस्टोन और एस.धर को इस साल अगस्त में मंत्री पद से हटाया गया। इस बात के मजबूत संकेत हैं कि कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है। पार्टी ने हाल ही में सात ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को भंग कर दिया था। इनमें से चार कमेटियों का प्रतिनिधित्व चार कांग्रेस विधायक करते थे। 


हालांकि हेक,जिनके पार्टी छोड़कर जाने की अटकलें थी, ने आवेदन फॉर्म लिया। इस  तरह की अटकलें है कि वह फिर से भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हेक 1998, 2003 और 2008 में पाइनथोरुमख्रा विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर विधायक चुने गऐ। 2008 के विधानसभा चुनाव के बाद हेक अकेले भाग्यशाली भाजपा विधायक थे क्योंकि उन्हें यूडीपी-एनसीपी के नेतृत्व वाली एमपीए सरकार की कैबिनेट में शामिल किया गया। उस वक्त कांग्रेस के पास 25 विधायक थे। इस कारण वह सरकार नहीं बना पाई थी। 


हालांकि मार्च 2009 में एमपीए सरकार गिर गई और इसके बाद हेक को अपनी निष्ठा बदलने में लंबा वक्त नहीं लगा। जुलाई 2009 में भाजपा के एक मात्र विधायक हेक ने खुद का कांग्रेस विधायक दल में विलय कर फायदा उठाया। एमपीसीसी ने 31 अगस्त से आवेदन फॉर्म वितरित करने शुरू किए थे और इनके वितरण की आखिरी तारीख 15 सितंबर थी। एमपीसीसी के सूत्रों के मुताबिक राज्य की 60 सीटों के लिए शुक्रवार शाम तक 100 से ज्यादा लोगों ने आवेदन फॉर्म लिए। 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा के लिए अगले साल फरवरी मार्च में विधानसभा चुनाव है।