मेघालय के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के बागी विधायकों को दी खुली चुनौती

Daily news network Posted: 2017-12-07 15:48:50 IST Updated: 2017-12-07 15:48:50 IST
मेघालय के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के बागी विधायकों को दी खुली चुनौती
  • मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने बुधवार को कांग्रेस के बागी विधायकों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की चुनौती दी।

शिलॉन्ग।

मेघालय के मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने बुधवार को कांग्रेस के बागी विधायकों को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की चुनौती दी। मुकुल संगमा ने मीडिया से कहा, हम उन सभी को जानते हैं जो इस्तीफा देंगे। हम यह देखकर खुश होंगे कि वे विधायकी से इस्तीफा देंगे। इस वजह से हमने पर्याप्त समय दिया है। अगर किसी में हिम्मत है तो विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर दिखाएं। मुख्यमंत्री मुकुल संगमा कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक कोमिंग वाई. के मंत्री पद से इस्तीफा देने पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। आपको बता दें कि कोमिंग ने सोमवार को मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

कांग्रेस विधायक रॉवेल लिंगदोह, प्रोस्टोन टी.एस.धर और एन.धर के नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) के टिकट पर विधानसभा चुनाव लडऩे की उम्मीद है। भाजपा और एनपीपी ने मुकुल संगमा को सबसे भ्रष्ट राजनेता बताया था। इस पर मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने कहा कि वह इस तरह के आरोप लगाने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। संगमा ने कहा,स्पष्टीकरण देना मेरा काम नहीं है। मेरा काम है उन्हें कोर्ट में घसीटना। जिन लोगों के पास उठाने के मुद्दे नहीं है वे अपनी हताशा व गुस्से को प्रदर्शित कर रहे हैं। आपको बता दें कि 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा के लिए अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा होने हैं।

आपको बता दें कि कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष और चार बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे डी.डी.लपांग ने खुद को विधानसभा चुनाव की रेस से बाहर कर दिया है। लपांग अगले साल फरवरी में होने वाले विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे। एक माह पहले कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेताओं ने, जो कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं, भी विधानसभा चुनाव नहीं लडऩे की घोषणा की थी। उप मुख्यमंत्री आर.सी.लालू और रोशन वारज्री ने खुद को चुनावी रेस से बाहर कर दिया था। 85 साल के वरिष्ठ नेता डी.डी.लपांग ने रविवार को नई दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और अपने फैसले के बारे में जानकारी दी। लपांग ने 19972 के विधानसभा चुनाव में नोंगपोह से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीता था।

बाद में वह कांग्रेस में शामिल हो गए। लपांग 1992, 2003, 2007 और 2009 में मुख्यमत्री रहे। हालांकि उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में कभी अपना कार्यकाल पूरा नहीं किया। हाल ही में दक्षिण गारो हिल्स की सिजु रोनगारा विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक रोफुल मराक ने मुकुल संगमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। मराक का कहना है कि मुकुल संगमा के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार जिले के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में विफल रही है। 2013 के विधानसभा चुनाव में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार जीत दर्ज करने के बाद मराक ने कांग्रेस का समर्थन किया था।