मेघालय में विधानसभा चुनाव से पार्टी छोड़ेंगे दो वरिष्ठ कांग्रेस नेता,3 विधायक भी हुए बागी

Daily news network Posted: 2017-11-15 14:08:35 IST Updated: 2017-11-15 14:08:35 IST
मेघालय में विधानसभा चुनाव से पार्टी छोड़ेंगे दो वरिष्ठ कांग्रेस नेता,3 विधायक भी हुए बागी
  • मुख्यमंत्री मुकुल संगमा की कार्यप्रणाली से नाखुश मेघालय में सत्तारुढ़ कांग्रेस के करीब दो वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को खुले रूप से कहा कि वे राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ देंगे।

मुख्यमंत्री मुकुल संगमा की कार्यप्रणाली से नाखुश मेघालय में सत्तारुढ़ कांग्रेस के करीब दो वरिष्ठ नेताओं ने मंगलवार को खुले रूप से कहा कि वे राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी छोड़ देंगे। पूर्व उपमुुख्यमंत्री रॉवेन लिंगदोह और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेस्टोन टी. जैसे वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस छोडऩे का फैसला किया है। रॉवेन लिंगदोह ने कहा, मेरा नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) में शामिल होने का इरादा है। पिछले विधानसभा चुनाव में मैं कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुआ था।

कांग्रेस ने मुझे और लोगों को धोखा दिया। उप मुख्यमंत्री रॉवेन लिंगदोह ने दावा किया कि उनके व उनके दोस्त की मुख्यमंत्री ने उपेक्षा की। लिंगदोह ने कहा कि वह कांग्रेस से इस्तीफा देंगे और जिस क्षण विधानसभा चुनाव की घोषणा वह एनपीपी में शामिल होंगे। प्रेस्टोन टी. ने कहा, मुख्यमंत्री एक नेता के रूप में जिस तरह से काम कर रहे हैं उससे मैं खुश नहीं हूं। मैं जल्द ही इस्तीफा दूंगा मौजूदा सरकार के तहत आखिरी सत्र के पहले इस्तीफा दे सकता हूं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 6 मार्च को खत्म हो रहा है। काग्रेस के सूत्रों का कहना है कि तीन और विधायक अगला विधानसभा चुनाव पार्टी के टिकट पर नहीं लड़ेंगे। लिंगदोह, प्रेस्टोन व अन्य तीन विधायकों को इस सा सरकार व पार्टी में उनके पदों से हटा दिया गया था।

राज्य भाजपा के नेताओं का कहना है कि पार्टी हर उस शख्स का स्वागत करती है जो राज्य के विकास के लिए काम करने का इच्छुक है। पार्टी मेघालय से भ्रष्टाचार को जड़ से उखाड़कर फेंकने के लिए तैयार है। 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अगले साल फरवरी-मार्च में प्रस्तावित है। आपको बता दें कि 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था। कांग्रेस ने एनसीपी व कुछ निर्दली विधायकों के साथ मिलकर मुकुल संगमा के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनाई थी। राज्य के उन 17 विधायकों को विधानसभा से अयोग्य करार दिया जा सकता है जिन्हें संसदीय सचिव बनाया गया था। 17 में से 10 ने हाईकोर्ट के एक फैसले के बाद संसदीय पद से इस्तीफा दे दिया था।

अगर राज्यपाल गंगा प्रसाद ने 17 विधायकों को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य करार दे दिया तो मुकुल संगमा के नेतृत्व वाली सरकार अल्पमत में आ जाएगी। पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 29 सीटें मिली थी। 13 निर्दलीय, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी(मेघालय) को 8, हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को 4, नेशनलिस्ट काग्रेस पार्टी को 2, नेशनल पीपुल्स पार्टी को 2, गारो नेशनल काउंसिल व नॉर्थ ईस्ट सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को एक-एक सीट मिली थी। सत्ता में आने के बाद 12 मार्च 2013 को मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने 12 मत्रियों के सहयोग के लिए 18 विधायकों को संसदीय सचिव की शपथ दिलाई थी। हालांकि निर्दलीय विधायक लामबोकलांग एम. ने पिछले साल 29 मार्च को कानूनी आधार का उदाहरण देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया था। संसदीय सचिव सेलेस्टाइन लिंगदोह और कोमिंगोन वाई. को कैबिनेट मंत्री बना दिया गया था।