मेघालय: एनसीपी अकेले लड़ेगी चुनाव, भाजपा और कांग्रेस को समर्थन नहीं

Daily news network Posted: 2017-06-19 12:02:14 IST Updated: 2017-06-19 12:02:14 IST
मेघालय: एनसीपी अकेले लड़ेगी चुनाव, भाजपा और कांग्रेस को समर्थन नहीं
  • मेघालय में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एनसीपी न तो कांग्रेस को समर्थन देगी और न ही भाजपा को। एनसीपी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।

शिलॉन्ग। मेघालय में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में एनसीपी न तो कांग्रेस को समर्थन देगी और न ही भाजपा को। एनसीपी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। एनसीपी को उम्मीद है कि कांग्रेस के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल और भाजपा के प्रति लोगों की घृणा (खासतौर पर स्वदेशी लोगों की)के कारण उसे फायदा होगा। एनसीपी के पूर्वोत्तर के प्रभारी नरेन्द्र वर्मा ने कहा कि पार्टी राज्य में ध्यान केन्द्रित करेगी और सभी 60 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। बकौल वर्मा, इस बार लोग विकल्प की ओर देख रहे हैं और एनसीपी जानी पहचानी सेक्युलर पार्टी है। 


अगर पार्टी सत्ता में आती है तो वह लोगों के जनादेश के साथ न्याय करेगी। वर्मा ने कहा कि दिल्ली में कांग्रेस और एनसीपी एक दूसरे के सहयोगी हैं लेकिन मेघालय में भी ऐसा हो यह जरूरी नहीं है। 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और एनसीपी ने अलग अलग चुनाव लड़ा था। 2013 में चुनाव से पहले कोई गठबंधन नहीं हुआ था जबकि हम कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के पार्ट थे। पार्टी के एसोसिएट मेंबर सलेंग ए.संगमा ने कहा, जब संगमा राज्य में एनसीपी का नेतृत्व कर रहे थे तो पार्टी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया। इस बार भी ऐसा नहीं होगा। आपको बता दें कि संगमा ने 2008 में गांबेग्रे विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर पहली बार जीत दर्ज की थी। 


मुख्यमंत्री मुकुल संगमा से मतभेदों के चलते जब उन्हें टिकट नहीं दिया गया तो दूसरी बार उन्होंने 2013 में बतौर निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीता। जब संगमा से पूछा गया कि दिवंगत पुर्णो अगितोक संगमा के पार्टी छोडऩे और एनपीपी ज्वाइन करने के बाद एनसीपी कमजोर हुई तो उन्होंने कहा, उसके बाद दोनों दलों ने दो-दो सीटें जीती थी,इसलिए कोई प्रभाव नहीं पड़ा। एनसीपी के एसोसिएट मेंबर ने वरिष्ठ नेता प्रफुल पटेल के  उस बयान का हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि पार्टी किसी भी तरह कांग्रेस के साथ खड़ी नहीं रहेगी। राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार में शामिल एनसीपी ने कहा कि मेघालय में सरकार विकास करने में विफल रही है। वर्मा ने कहा, मेघालय में विकास हुआ ही नहीं है। यहां गवर्नेंस है ही नहीं। लोग निराश हैं और विकल्प की ओर देख रहे हैं। एनसीपी के एसोसिएट मेंबर संगमा ने कहा, अगर राज्य के लोग चाहते हैं तो वह बदलाव ला सकती है। उन्हें एनसीपी में उम्मीद और प्रकाश नजर आता है।