मेघालय: 6 साल के बच्चे के अपहरण के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग

Daily news network Posted: 2017-06-14 17:38:04 IST Updated: 2017-06-14 17:38:04 IST
मेघालय: 6 साल के बच्चे के अपहरण के खिलाफ सड़कों पर उतरे हजारों लोग
  • 6 साल के बच्चे के अपहरण के विरोध में बुधवार को दईनादुबी गांव के हजारों लोग सड़कों पर उतरे।

शिलॉन्ग। 6 साल के बच्चे के अपहरण के विरोध में बुधवार को दईनादुबी गांव के हजारों लोग सड़कों पर उतरे। बच्चे को दो दिन पहले ही सचेत ग्रामीणों ने नॉर्थ गारो हिल्स के दमास में रिहा कराया था। इलाके के गैर सरकारी संगठनों के नेतृत्व में रैली निकाली गई। इसमें जीएसयू, एएवाईएफ, एडीई, एवाईडब्ल्यूओ एमकेजेडीओ, पीजेएसी, एफकेजेजीपी सहित मंदा अकावे मल्टीपर्पज डेवलपमेंट मदर्स यूनियन, देपा एरिया सोरदार एसोसिएशन और डीसीवाईओ ने हिस्सा लिया। 7 हजार लोगों ने प्रदर्शन किया। पीजेएसी के महासचिव सुतिन्द्रो मराक ने कहा, हम पहले डरे हुए थे कि किसी भी प्रदर्शन या कार्रवाई से बच्चे के साथ अवांछित स्थिति उत्पन्न हो सकती है,इसलिए हम चुप रहे। हालांकि हम आगे चुप नहीं रहेंगे। 6 साल के बच्चे का अपहरण पूर्णतया धब्बा है और सर्वथा निंदनीय है। आयोजकों ने कहा कि प्रोटेस्ट रैलियों से सभी में जागरूकता आएगी और यह भी सुनिश्चित होगा कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित रखें। जीएसयू के अध्यक्ष(देपा रिजनल यूनिट)चेंगचांग मराक ने कहा, इस तरह की गतिविधियां वस्तुत: हमारे समाज को बर्बाद कर रही है। 


पीडि़त के रिश्तेदार की ओर से अपहरण किया जाना और भी अलार्मिंग हैं। हम एक्ट की निंदा करते हैं और उम्मीद करते हैं कि इस तरह की घटना दोबारा नहीं होगी। 6 अपहरणकर्ताओं में से 5 को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अपहरकर्ताओं के नेता की पहचान सेवेनसन संगमा के रूप में हुई है,जो अभी भी फरार है। संगमा कुख्यात अपराधी विलियम संगमा का भाई है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक अपहरण इसलिए किया गया था ताकि जेल से विलियम की रिहाई के लिए पैसे जुटाए जा सके। जो ग्रुप पहले पकड़ा गया था उसने आपराधिकि गतिविधियों में विलियम की मदद की थी। अपहरण कांड में दो नाबालिगों की गिरफ्तारी के बाद मामला खुला। इसके बाद पुलिस 6 साल के बच्चे के अंकल सलनांग संगमा तक पहुंची,जिसने पूरी घटना की योजना बनाई थी। 


एएवाईएफ के अध्यक्ष वाटसन मराक ने कहा, अपराधियों ने बच्चे को खाना नहीं दिया। उसे केवल केले और बिस्किट दिए गए। उन्होंने 6 साल के बच्चे को बीड़ी पीने के लिए मजबूर किया। उसे पीने के लिए पानी भी नहीं दिया गया। वे जानवर हैं। जब उन्होंने बच्चे को रिहा किया तो वह बीमार पड़ गया। गैर सरकारी संगठनों ने मांग की है कि अपहरण के पीछे जो ग्रुप है उसे अपराध के लिए समान रूप से सजा मिलनी चाहिए। इस बात को ध्यान में नहीं रखना चाहिए कि ग्रुप के 2 सदस्य नाबालिग हैं। एमकेजेडीओ के अध्यक्ष जिम्बुश मोमिन ने कहा, उनका एक्ट माफी के लायक नहीं है। हम अपराध के लिए सभी को समान सजा दिए जाने की मांग करते हैं। इस अपराध में जितने वयस्क बुरे हैं उतने ही नाबालिग भी बुरे हैं।