मिजोरम के मुख्यमत्री ने फर्जी हलफनामा देकर चुनाव आयोग को गुमराह किया!

Daily news network Posted: 2017-11-14 17:28:41 IST Updated: 2017-11-14 17:28:41 IST
मिजोरम के मुख्यमत्री ने फर्जी हलफनामा देकर चुनाव आयोग को गुमराह किया!
  • कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में एक प्लॉट को लेकर मिजोरम के मुख्यमंत्री लल थनहवला घिर गए हैं।

आईजोल।

कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में एक प्लॉट को लेकर मिजोरम के मुख्यमंत्री लल थनहवला घिर गए हैं। रिटायर्ड सिविल सर्वेंट और सोशल एक्टिविस्ट रियाता चांग्ते के मुताबिक मिजोरम के मुख्यमंत्री लल थनहवला की कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में एक प्रोपर्टी है। 8 नवंबर 2013 को विधानसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान उन्होंने यह जानकारी छिपाई थी।


चांग्ते का दावा है कि उनके पास कुछ दस्तावेज हैं,जिनसे यह पता चलता है कि लल थनहवला के पास कोलकाता के सॉल्ट लेक इलाके में 3,328 स्कवेयर फीट का प्लॉट है। इस पर वह बड़ी प्रोपर्टी खड़ी कर रहे हैं। चांग्ते ने आरोप लगाया कि लल थनहवला ने यह प्लॉट 2013 में पश्चिम बंगाल हाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से खरीदा था। लल थनहवला ने यह प्लॉट 17 लाख 16 हजार 760 रुपए में खरीदा था।


लल थनहवला की प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन नंबर एआई-178 है। इसी मामले को लेकर जोराम नेशनलिस्ट पार्टी ने शनिवार को लल थनहवला से इस्तीफा मांगा था। जोरम नेशनलिस्ट पार्टी का कहना है कि कोलकाता में लल थनहवला के नाम जमीन है, वह इसकी जानकारी देने में विफल रहे। चुनाव आयोग उन्हें इस्तीफा देने का आदेश दें, इससे पहले खुद मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए। जोराम नेशनलिस्ट पार्टी के यूथ प्रेसिडेंट ललमुआनपुईया पुंते ने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री लल थनहवला ने कोलकता में एक जमीन खरीदी थी जहां पर वह एक इमारत का निर्माण करा रहे हैं।


पुंते ने आरोप लगाया कि 20 अगस्त 2013 को मुख्यमंत्री लल थनहवला ने अपने नाम यह जमीन रजिस्टर्ड कराई थी लेकिन 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान नामांकन पत्र दाखिल करते वक्त उन्होंने जो शपथ पत्र दाखिल किया था,उसमें इसका जिक्र नहीं था। उन्होंने कहा, मुख्यमंत्री लल थनहवला ने 8 नवंबर 2013 को नामांकन पत्र दाखिल किया था। उस वक्त उन्होंने कोलकाता में अपने नाम जमीन होने की जानकारी नहीं दी, जो रिप्रजेंटेशन ऑफ पीपुल एक्ट 1951 की धारा 125 ए का उल्लंघन है। पुंते ने कहा, लल थनहवला को जानकारी छिपाने के कारण अयोग्य ठहराया जा सकता है।


चुनाव आयोग उन्हें अयोग्य करार दे इससे पहले उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। हाल ही में भाजपा के अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय सचिव हयिथुंग बिल लोथा ने मिजोरम के मुख्यमंत्री को पूरे पूर्वोत्तर का सबसे भ्रष्ट सीएम बताया था। लोथा ने मुख्यमंत्री ललथनहवला के छोटे भाई को भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि वह डुप्टीकेट मेडिसंस के व्यापार में शामिल है और वह गैर कानूनी ड्रग्स से डील करते हैं।


भाजपा नेता ने दावा किया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग के मंत्री लाल थनजारा के निजी कंपनी सनसाइन ओवरसीज कॉर्पोरेशन में शेयर हैं, जिसे बड़े सरकारी ठेके मिले। अन्य मंत्रियों की आलोचना करते हुए लोथा ने कहा कि ग्रामीण विकास मंत्री और गृह मंत्री आर.लालजिरलियाना भी बेनामी ठेकेदारों के पक्ष में सरकारी ठेके दिलवाने में शामिल है। लोथा ने दावा किया कि मिजोरम की कांग्रेस सरकार जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है केन्द्र के फंड का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर रही है।