मिजोरम में बाढ़ और भूस्खलन से 12 की मौत, 877 घर तबाह

Daily news network Posted: 2017-06-20 17:50:41 IST Updated: 2017-06-20 17:50:41 IST
मिजोरम में बाढ़ और भूस्खलन से 12 की मौत, 877 घर तबाह
  • मिजोरम में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए। बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है

आईजोल।

मिजोरम में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात उत्पन्न हो गए। बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 877 घर तबाह हो गए हैं। एक ऑफिशियल रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। मिजोरम के आपदा प्रबंधन और पुर्नविस्थापन विभाग की ओर से 9 जून से मैनटेन किए गए रिकॉर्ड के मुताबिक दक्षिण मिजोरम के लुंगलेई जिले के लाबुंग सब डिवीजन में 3 साल के बच्चे सहित 10 लोगों की मौत हुई। 



बाढ़ और भूस्खलन के कारण पिछले 11 दिनों में आईजोल और सेरछिप जिलों में 2 अन्य लोगों की मौत हुई। डिजास्टर मैनेजमेंट एवं रिहेबिलिटेशन डिपार्टमेंट का कहना है कि बाढ़ और भूस्खलन से करीब 877 घर तबाह हो गए। इनमें से 220 पूरी तरह तबाह हुए हुए अन्य 657 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए। लुंगलेई जिले में हालात सबसे खराब रहे। यहां 165 घर पूरी तरह तबाह हो गए और 299 आंशिक रुप से क्षतिग्रस्त हुए। 



लांग्टलई जिले में 51 घर पूरी तरह तबाह हुए जबकि 280 घरों को आंशिक नुकसान हुआ। सियहा जिले में भूस्खलन से 4 घर पूरी तरह तबाह हो गए। आईजोल में 65 घरों को आंशिक रुप से नुकसान हुआ जबकि ममित जिले में 14 और सेरछिप जिले में 9 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त  हुए। बाढ़ के कारण राज्य के विभिन्न इलाकों में 137 हैक्टेयर में खड़ी फसल तबाह हो गई। कोलासिब जिले में 62 मछली के तालाब भी तबाह हुए। भूस्खलन और बाढ़ से 2 हजार परिवार प्रभावित हुए हैं। बांग्लादेश की सीमा से लगे लाबुंग सब डिवीजन एरिया में 30 घर बाढ़ में बह गए। 



मिजोरम की सरकार ने गत बुधवार को बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए गृह मंत्री आर.लालजिरलियाना के नेतृत्व में उच्च स्तरीय समिति गठित की थी। मिजोरम के बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए कुछ गैर सरकारी संगठन आगे आए हैं। मुंबई स्थित गेटो,दिल्ली स्थित गूंज अर लंदन स्थित साल्वेशन आर्मी इंटरनेशनल हेडक्वार्टर्स ने बाढ़ पीडि़तों के लिए राशि एकत्रित की है।