मिजोरम सरकार ने सातवें वेतन आयोग के अध्ययन के लिए गठित की कमेटी

Daily news network Posted: 2017-11-15 17:34:50 IST Updated: 2017-11-15 17:34:50 IST
मिजोरम सरकार ने सातवें वेतन आयोग के अध्ययन के लिए गठित की कमेटी
  • मिजोरम सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अध्ययन के लिए एक कमेटी गठित की है।

आईजोल।

मिजोरम सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अध्ययन के लिए एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी तय करेगी कि राज्य में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जा सकता है या नहीं। राज्य के मुख्य सचिव ललमलसवमा की ओर से मंगलवार शाम जारी एक नोटिफिकेश में कहा गया है कि 25 अक्टूबर को मंत्रिपरिषद की बैठक में हुए फैसले के बाद सरकार ने पे कमेटी गठित की है। पे कमेटी की अध्यक्षता राज्य के योजना आयोग के वाइस चेयरमैन एच.लियानसईलोवा करेंगे। कमेटी में में दो सदस्य होंगे। कृषिक मंत्री के.एस.थंग और वित्त सचिव ललथनसंगा पे कमेटी के  सदस्य होंगे। जबकि कर सचिव वनलाल चुआंगा इसके सदस्य सचिव होंगे।

कमेटी यह देखेगी कि सातवें वेतन आयोग ने जिस पे स्केल की सिफारिशें की है वे मिजोरम के सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू की जा सकती है या नहीं। साथ ही कमेटी राज्य सरकार के कर्मचारियों के शुरुआती वेतन के फिक्सेशन के लिए अप्लाई किए जाने वाले मैथड्स तय करेगी। इससे पहले राज्य के वित्त मंत्री ललसवता ने कहा कि अगर सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाता है तो राज्य को 800 करोड़ का अतिरिक्त भार वहन करना पड़ेगा। आपको बता दें कि मणिपुर के सरकारी कर्मचारियों को भी अभी तक सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिला है। मणिपुर में करीब 85 हजार सरकारी कर्मचारी हैं। मणिपुर सरकार कुछ कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के मुताबिक भुगतान नहीं कर पाई है।

जिन कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल पाया है उनमें मत्यस्य पालन विभाग में केन्द्र प्रायोजित योजनाओं को लागू करने के लिए नियुक्त कर्मचारी, छह स्वायत्त जिला परिषदों की ओर से नियुक्त शिक्षक, इंफाल नगर निगम और अनुदान प्राप्त स्कूलों व कॉलेज के शिक्षक शामिल है। मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह के मीडिया संयोजक एल.बसंता शर्मा ने हाल ही में कहा कि सरकार वेतन की बढ़ी हुई दर को लागू करने के लिए गंभीरता से विचार कर रही है लेकिन कुछ टेक्निकैलटीज के कारण ऐसा नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि सरकार मत्यस्य पालन विभाग में केन्द्र प्रायोजित योजनाओं को लागू करने के लिए नियुक्त कर्मचारियों, 6 स्वायत्त जिला परिषदों की ओर से नियुक्त शिक्षकों, इंफाल नगर निगम और अनुदान प्राप्त स्कूलों व कॉलेजों के शिक्षकों को छठे वेतन आयोग की दर से भुगतान करने के बाद सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करेगी।