Ad Block is Banned Click here to refresh the page

अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करे

उत्तराखंड में भी मोदी लहर, कांग्रेस को गहरा धक्का

Patrika news network Posted: 2017-03-11 18:12:00 IST Updated: 2017-03-11 18:12:00 IST
उत्तराखंड में भी मोदी लहर, कांग्रेस को गहरा धक्का
  • उत्तराखंड विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। सत्तारूढ कांग्रेस मुश्किल से दहाई के आंकड़े पर पहुंची है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था और वह दोनों पर हार गए हैं।

देहरादून।

उत्तराखंड विधानसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी ने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। सत्तारूढ कांग्रेस मुश्किल से दहाई के आंकड़े पर पहुंची है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दो विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा था और वह दोनों पर हार गए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी सहसपुर सीट से चुनाव हार गए हैं। राज्य विधानसभा की 70 सीटों में से भाजपा 57 सीट जीत चुकी है जबकि कांग्रेस को 11 सीटें मिली हैं। 2 सीट निर्दलीयों के हिस्से में गई।

भाजपा में कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने से कांग्रेस को इस चुनाव में बड़ा नुकसान हुआ है। भाजपा में शामिल हुए पूर्व मंत्री यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत के साथ ही वरिष्ठ नेता केदार सिंह रावत, कुंवर प्रवण सिंह चैम्पियन तथा सुबोध उनियाल जैसे प्रमुख नेता चुनाव जीत गए हैं। कांग्रेस से भाजपा में आए पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने चुनाव नहीं लड़ा था और अपनी सीट पर अपने बेटे सौरभ बहुगुणा को उतारा था और वह भी जीत हासिल करने में कामयाब रहे।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार ग्रामीण और किच्छा सीट चुनाव लड़ा था। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को उनकी परंपरागत सीट टिहरी की बजाए देहरादून जिले की सहसपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा गया था। हरीश रावत सरकार में मंत्री रहे प्रसाद नैथानी, दिनेश धनाई, दिनेश अग्रवाल, सुरेंद्र सिंह नेगी, हरीशचंद्र दुर्गापाल भी चुनाव हार गए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि गुटबाजी का भी उसे इस चुनाव में खामियाजा भुगतना पड़ा है। 

हरीश रावत ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा 

उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधान सभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद आज अपरान्ह अपने पद से इस्तीफा दे दिया।  रावत ने अपराह्न 3.30 बजे राजभवन जाकर राज्यपाल कृष्ण कांत पाल को अपना इस्तीफा सौंपा। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए नये मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण तक उनसे पद पर बने रहने का अनुरोध किया। विधान सभा चुनाव में कांग्रेस को भारी हार का सामना करना पड़ा है और भारतीय जनता पार्टी दो तिहाई बहुमत हासिल कर रही है।  रावत ने दो विधान सभा सीटों से चुनाव लड़ा था लेकिन वह दोनों पर हार गये। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय तथा रावत मंत्रिमंडल के कई मंत्री भी चुनाव हार गये हैं।