मेघालय के विधानसभा चुनाव में भी काम करेगी मोदी लहर?

Daily news network Posted: 2017-09-13 13:14:45 IST Updated: 2017-09-13 13:14:45 IST
मेघालय के विधानसभा चुनाव में भी काम करेगी मोदी लहर?
  • भाजपा फिलहाल पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में सत्ता में है। मेघालय और त्रिपुरा में अगले साल विधानसभा चुनाव है।

शिलॉन्ग।

भाजपा फिलहाल पूर्वोत्तर के तीन राज्यों में सत्ता में है। मेघालय और त्रिपुरा में अगले साल विधानसभा चुनाव है। यह देखना होगा कि क्या मोदी लहर इन दोनों राज्यों में भाजपा के लिए काम करेगी। असम में 2016 में विधानसभा चुनाव हुए थे जबकि मणिपुर में 2017 में विधानसभा चुनाव हुए। दोनों राज्यों में भाजपा की जीत के पीछे मुख्य वजह मोदी लहर थी। अब मेघालय में विधानसभा चुनाव है ऐसे में भाजपा राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए एक बार फिर मोदी लहर पर निर्भर है। भाजपा ने संकेत दिए हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारक होंगे। हालांकि कांग्रेस ने इस विचार को खारिज किया है कि आगामी विधानसभा चुनावों में पीएम मोदी का कोई प्रभाव दिखाई देगा। दरअसल बीफ बैन को लेकर मेघालय में भाजपा को कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।

मेघालय की ज्यादातर आबादी अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मिजोरम की तरह बीफ का सेवन करती है। केन्द्र सरकार ने पूरे देश में बीफ बैन की योजना बनाई थी लेकिन मेघालय में पार्टी आलाकमान के आदेश को राज्य के कई नेताओं ने खुले रूप से चुनौती दी। उन्होंने बीफ फेस्टिवल आयोजित किए। गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने एक नोटिफिकेशन जारी कर हत्या के लिए मवेशियों की खरीद व बिक्री पर बैन लगा दिया था। बीफ बैन पर बहस के बीच मेघालय में भाजपा के कई नेताओं ने पार्टी छोड़ दी। मंगलवार को मेघालय कांग्रेस के अध्यक्ष डीडी लपांग ने कहा, राज्य में मोदी लहर काम नहीं करेगी। पांच बार राज्य के मुख्यमंत्री लपांग ने कहा, 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को भाजपा या किसी अन्य दल से कोई खतरा नहीं है।

लपांग राज्य में कांग्रेस की जीत को लेकर आश्वस्त हैं क्योंकि उन्हें राज्य में कोई भी दल मजबूत प्रतिद्वंदी के रूप में नजर नहीं आता। उन्होंने राज्य में फिर कांग्रेस की सरकार बनने का दावा किया। बकौल लपांग, 2013 के विधानसभा चुनाव सहित पूर्व के रिकॉर्ड को देखते हुए कोई भी मजबूत प्रतिद्वंदी नहीं है, लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस को इस बार कितनी सीटें मिलेगी। मैं अन्य दलों की परफॉर्मेंस को जज नहीं कर रहा हूं लेकिन पूर्व के रिकॉर्ड बताते हैं कि कांग्रेस हमेशा मजबूत रही है और वह सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। फिलहाल मेघालय में 30 विधायकों के साथ,जिनमें स्पीकर भी शामिल है, मुख्यमंत्री मुकुल संगमा के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार चल रही है। एनपीपी के राज्य में सरकार बदलने में प्रमुख भूमिक निभाने के दावे पर लपांग ने कहा,मैं एनपीपी को खतरे के रूप में नहीं देखता क्योंकि लोगों को अभी तक पता नहीं है कि एनपीपी कौन है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खिलाफ क्षेत्रीय दलों का गठबंधन सिर्फ यह सदेश देता है कि कांग्रेस सबसे बड़ी है।