असम के 13 लाख लोग मधुमेह से पीडि़त,हर साल बढ़ रहे हैं मरीज

Daily news network Posted: 2017-11-15 17:23:40 IST Updated: 2017-11-15 17:23:40 IST
असम के 13 लाख लोग मधुमेह से पीडि़त,हर साल बढ़ रहे हैं मरीज
  • मधुमेह साइलेंट किलर है। प्रत्येक आठ सेकेंड में एक व्यक्ति मारा जाता है और किलर है मधुमेह। असम की आबादी का 4 फीसदी से ज्यादा मधुमेह से पीडि़त है।

मधुमेह साइलेंट किलर है। प्रत्येक आठ सेकेंड में  एक व्यक्ति मारा जाता है और किलर है मधुमेह। असम की आबादी का 4 फीसदी से ज्यादा मधुमेह से पीडि़त है। इस तरह से असम में करीब 13 लाख लोग मधुमेह से पीडि़त है। मंगलवार को विश्व मधुमेह दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डायबेटोलोजिस्ट डॉक्टर रुपम चौधरी ने यह जानकारी दी। 

मधुमेह पर जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय के फिजियोथैरेपी विभाग ने किया था। असम में 2014 में डायबेटिक प्रिवलेंस हुए अध्ययन के आधार

  पर डॉक्टर रुपम चौधरी ने कहा कि हर साल मधुमेह के मरीजों की संख्या में 3.73 फीसदी का इजाफा होता है और यह दर लगातार बढ़ रही है। डायबिटीज: द साइलेंट किलर पर प्रजेंटेशन देते हुए डॉक्टर चौधरी ने कहा कि मधुमेह से पीडि़त लोगों में से 77 फीसदी कम व मध्यम आय वाले देशों में रह रहे हैं।

एक अध्ययन के मुताबिक प्रत्येक दो लोगों में से एक को पता ही नहीं होता कि उसे मधुमेह है। डायबिटीज दरअसल इंसुलिन प्रोडक्शन व इसके यूटिलाइजेशन का डिसऑर्डर है। इससे पहले यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी मेघालय(यूएसटीएम ) के वाइस चांसलर प्रोफेसर अमरज्योति चौधरी ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि इलाज से बेहतर रोकथाम वक्त की जरूरत है। लोगों को इस किलर डिजीज के बारे में अवेयर रहना चाहिए,जो पूरी तरह किसी की जीवनशैली पर निर्भर है। कार्यक्रम को अन्य मेहमानों के अलावा यूएसटीएम के प्रो वीसी प्रोफेसर आर.के.शर्मा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में करीब एक हजार से ज्यादा प्रतिभागी मौजूद थे।