असम की आबादी का चार फीसदी से अधिक मधुमेह प्रभावित

Daily news network Posted: 2017-11-15 12:03:21 IST Updated: 2017-11-15 12:03:21 IST
असम की आबादी का चार फीसदी से अधिक मधुमेह प्रभावित
  • देश के अन्य भागों की तरह विज्ञान व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय (यूएसटीएम) के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा मंगलवार को विश्व मधुमेह दिवस मनाया गया। इस दौरान मधुमेह पर आयोजित जागरूकता समारोह को संबोधित करते हुए डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. रूपम चौधरी ने कहा कि असम की आबादी के चार प्रतिशत से अधिक लोगों को डा

मेघालय

शिलोंग । देश के अन्य भागों की तरह विज्ञान व प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय (यूएसटीएम) के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा मंगलवार को विश्व मधुमेह दिवस मनाया गया। इस दौरान मधुमेह पर आयोजित जागरूकता समारोह को संबोधित करते हुए डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. रूपम चौधरी ने कहा कि असम की आबादी के चार प्रतिशत से अधिक लोगों को डायबिटीज है। 



उन्होंने कहा कि मधुमेह एक साइलेंट किलर है, जिससे हर आठ सैकेंड में एक व्यक्ति की मौत होती है वर्ष 2014 में असम में किए गए मधुमेह के एक अध्ययन के आधार पर डॉ. चौधरी ने कहा कि हर वर्ष मधुमेह रोगियों के संख्या 3.73 प्रतिशत बढ़ रही है और यह दर लगातार बढ़ती ही जा रही है। 



उन्होंने कहा कि मधुमेह के शिकार करीब 77 फीसदी लोग कम और मध्यम आय वाले देशों के हैं। अध्ययन के अनुसार हर दो व्यक्ति में से एक को यह नहीं पता कि उसे मधुमेह है।  





मधुमेह वास्तव में इंसुलिन उत्पादन और इसके उपयोग का एक विकार है इससे पहले यूएसटीएम के उपकुलपति प्रोफेसर अमरज्योति  चौधरी ने कहा कि मधुमेह के उपचार से बेहतर है रोकथाम और इस बीमारी के प्रति जागरूक होने की जरूरत है । यह पूरी तरह किसी की जीवनशैली पर निर्भर है इस अवसर पर यूएसटीएम के प्रो. वीसी प्रोफेसर आरके शर्मा समेत अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।