ईज ऑफ डूइंग में पिछड़े हैं अधिकांश राज्य: जितेन्द्र सिंह

Daily news network Posted: 2017-09-17 11:48:21 IST Updated: 2017-09-17 11:48:21 IST
ईज ऑफ डूइंग में पिछड़े हैं अधिकांश राज्य: जितेन्द्र सिंह
  • पूर्वोत्तर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाय जितेन्द्र सिंह ने कहा कि कुछ राज्यों को छोड़ दें तो बहुत से राज्य निवेशकों के अनुकूल माहौल बनाने में भी नाकाम रहे हैं।

नई दिल्ली।

पूर्वोत्तर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डाय जितेन्द्र सिंह ने कहा कि व्यवसाय शुरु करने की प्रक्रिया आसान बनाने की दिशा में केंद्र सरकार के सक्रिय सहयोग के बावजूद अधिकतर राज्य ईज-ऑफ डूइंग के पैमाने पर पिछड़ रहे हैं। कुछ राज्यों को छोड़ दें तो बहुत से राज्य निवेशकों के अनुकूल माहौल बनाने में भी नाकाम रहे हैं।


पीएचडी चैम्बर की ओर से आयोजित मुख्य सचिवों के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि न्यू इंडिया बनाने में राज्यों की भूमिका, ईज ऑफ  डूइंग बिजनसे, औद्योगिक विकास, कौशल विकास, रोजगार में वृद्धि और स्मार्ट शहरों के विकास की रफ्तार बढ़ाने पर चर्चा की गयी। डा. सिंह ने इस अवसर पर राज्यों के शीर्ष नौकरशाहों को इस तथ्य का संज्ञान लेते हुए अपने-अपने राज्यों में ईज ऑफ  डूइंग की स्थिति सुधारने के लिए कदम उठाएं ताकि मेक इन इंडिया से भारत औद्योगिक हब के तौर पर उभर सके। उन्होंने अफसरों से कहा कि वे यस मिनिस्टर की प्रवृत्ति को छोड़ें और अगर कोई निर्णय राज्य के हित में नहीं है तो नो मिनिस्टर कहने की संस्कृति का अनुसरण करें।


नीति आयोग के उपाध्यक्ष अमिताभ कांत ने इस मौके पर कहा कि भारत को विश्र्व में प्रमुख अर्थव्यवस्था के तौर पर उभरने के लिए 9 से 10 प्रतिशत विकास दर के साथ बढऩे की जरूरत है। उन्होंने कहा कि राज्यों को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के मामले में अपना प्रदर्शन सुधारना चाहिए अन्यथा सरकार उनकी रैंकिंग जारी कर जनता के सामने उनकी असलियत उजागर करेगी। पीएचडी चैम्बर के इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश और कर्नाटक सहित केंद्र और राज्यों के कई शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया। साथ उद्योग जगत की कई हस्तियां भी इसमें मौजूद रहीं।