नागा अतिक्रमण कांग्रेसी साजिश का नतीजा

Daily news network Posted: 2017-11-15 14:10:14 IST Updated: 2017-11-15 14:10:14 IST
नागा अतिक्रमण कांग्रेसी साजिश का नतीजा
  • सरकार में सहयोगी असम गण परिषद ने आज नागा फ्रेमवर्क समझौते के मुद्दे पर कांग्रेस की पोल खोलकर रख दी।

गुवाहाटी।

सरकार में सहयोगी असम गण परिषद ने आज नागा फ्रेमवर्क समझौते के मुद्दे पर कांग्रेस की पोल खोलकर रख दी। 



पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस की साजिश और मौकापरस्ती के कारण ही नागाओं का अतिक्रमण संभव हो सका है। 


राज्य में कांग्रेस की सरकार के रहते कैसे और कब-कब नागाओं ने असम की जमीन पर कब्जा जमाया और सरकारों की भूमिका क्या रही, उन सब बातों को अगप ने मीडिया के समक्ष रख कांग्रेस के चेहरे से नकाब हटाने का दावा किया है।


मंगलवार को आमबाड़ी स्थित अगप मुख्यालय में पार्टी प्रवक्ता मनोज सइकिया ने अतीत का जिक्र करते हुए बताया कि सन 1963 के 1 दिसंबर को नागा राज्य गठन के बाद दैयांत संरक्षित वनांचल के अंतर्गत भेलौगुड़ी इलाके के लगभग 3 हजार बीघा जमीन उस समय के कांग्रेसी मुख्यमंत्री विमला प्रसाद चालिहा ने सीडफार्म की स्थापना के लिए नागाओं को लीज पर दिया था। सन 1968 में गोलाघाट महकमे के अंतर्गत डिमापुर शहर को कांग्रेस ने राज्यवासियों की उपेक्षा कर नागाओं को सौंप दिया था।


सन 1972 नागालैंड के साथ समझौता कर ए, बी, सी और डी सेक्टर की हजारों हेक्टेयर जमीन नागालैंड को सौंपी थी।