सीएनटीसी ने की नागालैंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग

Daily news network Posted: 2017-07-16 09:07:39 IST Updated: 2017-07-16 09:07:39 IST
सीएनटीसी ने की नागालैंड में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग
  • सीएनटीसी ने कहा कि यदि विधानसभा तुरंत भंग नहीं की गयी तो परिषद सड़कों पर उतरने से नहीं हिचकिचायेगी

कोहिमा।

केंद्रीय नागालैंड जनजाति परिषद (सीएनटीसी) ने नागालैंड में संवैधानिक तंत्र के हर मोर्चे पर विफल हो जाने का आरोप लगाते हुए राज्यपाल पी. बी. आचार्य से तुरंत विधानसभा भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। 


सीएनटीसी ने कहा कि यदि विधानसभा तुरंत भंग नहीं की गयी तो परिषद सड़कों पर उतरने से नहीं हिचकिचायेगी। सीएनटीसी ने चेतावनी भरे लहजे में अपने विधायकों से हालात और बिगडऩे से पहले या जनता के क्रोध का सामना करने से पहले त्यागपत्र देने को कहा। उन्होंने कहा कि वर्तमान विधायक लोगों की आकांक्षाओं, आशाओं और उम्मीद पर खरे उतरने में असफल रहे हैं। राज्य की जनता जब परेशानियों का सामना कर रही थी तब कुछ लोग काजीरंगा रिसॉर्ट में आमोद-प्रमोद और पार्टियों में व्यस्त थे।


सीएनटीसी ने सभी क्षेत्रों के विधायकों को सीधे तौर पर त्यागपत्र देने को कहा है। उन्होंने कहा, यह पूरे नागा समुदाय के लिए शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि वे हमारे नेता बनने के लायक नहीं हैं और किसी भी परिस्थति में वर्तमान प्रणाली में उन्हें इसकी अनुमति नहीं देने की कसम खाई है। उन्होंने कहा वर्तमान विधायकों को कुर्सी पर बैठने तक का अधिकार नहीं है क्योंकि उन्होंने राज्य के लागों के लिए कभी कुछ नहीं किया।