राहुल गांधी ने खेला था दांव, मेघालय में कर गया काम

Daily news network Posted: 2018-01-09 13:21:55 IST Updated: 2018-01-10 11:37:54 IST
  • मेघालय में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है। पांच विधायक कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। इनमें एक विधायक एनसीपी का है जबकि चार निर्दलीय। ये सभी कांग्रेस के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

मेघालय में विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ी राहत मिली है। पांच विधायक कांग्रेस में शामिल होने जा रहे हैं। इनमें एक विधायक एनसीपी का है जबकि चार निर्दलीय। ये सभी कांग्रेस के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। पार्टी के एक नेता ने सोमवार को यह जानकारी दी। आपको बता दें कि मेघालय में अगले माह विधानसभा चुनाव होने हैं। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल मार्च में समाप्त हो रहा है।


आपको बता दें कि  हाल ही में एक एक कर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पार्टी छोड़ रहे थे। हाल ही में कांग्रेस के सात विधायक विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर अन्य राजनीतिक दलों में शामिल हो गए थे। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने डी.डी.लपांग को मेघालय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटा दिया था।


उनकी जगह सेलेस्टाइन लिंंगदोह की प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। मुकुल संगमा के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन दे रहे चार निर्दलीय विधायक ब्रिगाडी मराक, आशाहेल डी.शिरा, माइकल संगमा और डेविड नोंग्रम ने पहले ही कांग्रेस के टिकट के लिए आवेदन कर दिया है। राज्य कांग्रेस के चीफ सेलेस्टाइन लिंगदोह ने कहा, उन्होंने(एनसीपी विधायक व चार निर्दलीय विधायक)कांग्रेस परिवार का हिस्सा बनने में दिलचस्पी दिखाई है। वे जल्द ही कांग्रेस में शामिल होंगे और कांग्रेस के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। लिंगदोह ने कहा उनमें से कुछ ने कांग्रेस छोड़ दी थी। हम खुश हैं कि ये पांच विधायक हमें ज्वाइन कर रहे हैं।


निश्चित रूप से वे विधानसभा में अपनी सीटें बरकरार रखेंगे। एनसीपी विधायक संगमा ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर आगामी विधानसभा चुनाव लडऩे का फैसला किया है क्योंकि वह फिर से मेघालय में सरकार बनाएगी और राज्य में कोई अन्य विकल्प नहीं है। बकौल संगमा, मुझे भरोसा है कि गारो हिल्स में वोटर्स(मेघालय के पश्चिमी हिस्से में 24 सीटें हैं) भाजपा को वोट नहीं करेंगे। इसकी वजह है भाजपा की ईसाई विरोधी गतिविधियां। एनपीपी भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का घटक है इसलिए उसे भी हार झेलनी पड़ेगी। हालांकि नेशनल पीपुल्स पार्टी(एनपीपी) ने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के साठ गठबंधन नहीं करने का फैसला लिया है।


पिछले सप्ताह पांच पूर्व कांग्रेसी विधायक रॉवेल लिंगदोह, प्रेस्टोन टी. कोमिंग वन वाई. एन.धर और एस.धर एनपीपी में शामिल हो गए। कांग्रेस के पूर्व विधायक अलेक्जेंडर हेक, जो पिछले साल बर्खास्त करने से पहले मुकुल संगमा कैबिनेट में स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री थे, भाजपा में शामिल हो गए।


खासी हिल्स ऑटोनोमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल के इन्कम्बेंट एग्जिक्यूटिव मेंबर पी.एन.सायेम विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर हाल ही में बनी पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट में शामिल हो गए। चार बार मुख्यमंत्री रहे.डी.लपांग, निर्वतमान उप मुख्यमंत्री आर.क्रिस्टोफर लालू और स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री रोशन वारज्री समेत कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर चुके हैं।