स्टार्ट अप की नई मंजिल है पूर्वोत्तर क्षेत्र

Daily news network Posted: 2017-11-13 10:16:51 IST Updated: 2017-11-13 10:16:51 IST
स्टार्ट अप की नई मंजिल है पूर्वोत्तर क्षेत्र
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र पूरे देश के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम स्टार्ट अप की नई मंजिल के रूप में तेजी से उभर कर सामने आ रहा है

नई दिल्ली।

पूर्वोत्तर क्षेत्र पूरे देश के युवाओं के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम स्टार्ट अप की नई मंजिल के रूप में तेजी से उभर कर सामने आ रहा है। सूत्रों के अनुसार स्टैंड अप इंडिया और स्टार्ट अप इंडिया कार्यक्रमों के तहत उद्यमियों को कर अवकाश और निकास अवधि की छूट दी गयी है और पूर्वोत्तर क्षेत्र में उद्यम निधि का प्रावधान किया गया है जिसका युवा काफी बड़ी संख्या में लाभ उठा जा रहे है।


गत दो वर्षो में संपर्क और परिवहन सुविधाओं में सुधार और प्रशासनिक स्तर पर ध्यान केंद्रित करने के कारण अधिक से अधिक युवा पूर्वोत्तर राज्यों में उद्यमशीलता के लिए जोखिम उठा रहे हैं और क्षेत्र की क्षमताओं का लाभ उठा रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों में पर्याप्त भंडारण और परिवहन सुविधा नहीं होने के कारण 40 प्रतिशत फल और सब्जियां नष्ट हो जाती हैं, जबकि इनका इस्तेमाल किफायती दरों पर ताजा और शुद्ध फलों का रस बनाने के लिए किया जा सकता है।


दो से तीन वर्ष के दौरान घरेलू पर्यटन में बढोतरी हुई है। कई युवा इसका लाभ उठा रहे हैं। सिक्किम के पकयोंग, अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर और मेघालय के शिलांग में नए हवाई अड्डों के साथ बड़ी रेलवे लाइन की समयबद्ध योजना से व्यापार में सुविधा मिलेगी। पूर्वोत्तर क्षेत्र में औषधि और स्वास्थ्य क्षेत्र भी उद्यमियों को नए अवसर प्रदान कर सकता है। निजी क्षेत्र को मिले प्रोत्साहन से पूर्वोत्तर क्षेत्र में नए अस्पताल खुले हैं और युवा उद्यमी अवसरों का लाभ उठा रहे हैं।


पूर्वोत्तर राज्यों में परंपरागत रूप से महिलाएं अधिक सशक्त और रोजगार स्तर पर अधिक सक्रिय रही हैं। स्व सहायता समूहों को श्घर में उद्यमिताश् के लिए प्रोत्साहन देने से युवा उद्यमी आगे आए हैं और उन्होंने हथकरघा और वस्त्र क्षेत्र में काम करने का निर्णय लिया है। वस्त्र मंत्रालय ने पूर्वोत्तर राज्यों के विशेष योजनाओं की शुरूआत की है। सरकार की पूर्वोत्तर औद्योगिक विकास नीति और अधिक बजट सहयोग का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाया जा रहा है।