पाकिस्तान से लौटे सूफी मौलवी,स्वामी ने कहा,कर रहे थे देश विरोधी काम

Daily news network Posted: 2017-03-20 18:15:46 IST Updated: 2017-03-20 18:15:46 IST
पाकिस्तान से लौटे सूफी मौलवी,स्वामी ने कहा,कर रहे थे देश विरोधी काम
  • दिल्ली की मशहूर हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के दो सूफी मौलवी पाकिस्तान में लापता हो गए थे। मौलवी सैयद आसिफ निजामी और नाजिम अली निजामी सोमवार को दिल्ली लौट आए।

नई दिल्ली।

दिल्ली की मशहूर हजरत निजामुद्दीन औलिया दरगाह के दो सूफी मौलवी पाकिस्तान में लापता हो गए थे। मौलवी सैयद आसिफ निजामी और नाजिम अली निजामी सोमवार को दिल्ली लौट आए। दोनों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की। दोनों ने भारत सरकार,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गृह मंत्री राजनाथ सिंह का शुक्रिया अदा किया। इस बीच भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दोनों खादिमों पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ये दोनों पाकिस्तान में देश विरोधी काम कर रहे थे।

भाजपा सांसद सुब्रमण्य स्वामी ने कहा है कि दोनों झूठ बोल रहे हैं कि उन्हें पाकिस्तान में हिरासत में लिया गया था। वे अपने बचाव और सहानुभूति पैदा करने के लिए आसा कह रहे हैं। इतने दिन आईएसआई उनके साथ क्या कर रही थी? वे कह रहे हैं कि उन्हें रॉ एजेेंट बताया गया लेकिन ऐसी बातें तो उग्रवादी और आतंकी हकते हैं कि उनके यहां भारत से रॉ एजेंट आए। मेरे पास इंडिपेंडेंट जानकारी है कि दोनों खादिम जो पाकिस्तान में लापता हुए थे वो वास्तव में देश के खिलाफ काम कर रहे थे। इस पर नाजिम अली निजामी ने कहा कि मैं फिर पाकिस्तान जाऊंगा। फिर पैगाम ए मोहब्बत लेकर जाऊंगा और डंके की चोट पर जाऊंगा।

पाकिस्तानी समाचार पत्र उम्मत ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया था कि दोनों मौलवी भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के लिए काम करते हैं। दोनों मौलवियों का दावा है कि उम्मत की रिपोर्ट के आधार पर पाकिस्तानी एजेंसियों ने उन्हें पूछताछ के मकसद से हिरासत में ले लिया। नाजिम अली निजामी ने पाक मीडिया की उस रिपोर्ट को खारिज किया है कि वे सिंध के इंटिरीअल इलाके में थे जहां कोई

कम्यूनिकेशन नेटवर्क नहीं था। उन्होंने कहा,हमारे पास सिंध के इंटिअरी इलाके का वीजा नहीं था तो हम वहां कैसे पहुंच जाते? हम सूफी परंपरा को मानने वाले हैं जो शांति और भाईचारा का पाठ पढ़ाता है।

अच्छे और बुरे दोनों ही तरह के तत्व होते हैं और जो इन शिक्षाओं के खिलाफ जाता है उसे अपमान सहना पड़ता है। जब उनसे यह पूछा गया कि उनसे पूछताछ क्यों हुई तो नाजिम ने कहा कि हमसे हमारे वीजा और इमिग्रेशन से जुड़े दूसरे विवरणों के बारे में पूछा गया। दिल्ली आने के बाद दोनों हजरत निजामुद्दीन दरगाह पहुंचे जहां लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। बाद में दोनों मौलवियों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मुलाकात की और उन्हें धन्यवाद दिया। आसिफ निजामी के बेटे आमिर निजामी ने अपने पिता और अली निजामी की स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए दखल देने के  लिए भारत सरकार को धन्यवाद कहा। आमिर निजामी ने कहा,मैं भारत सरकार,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,सुषमा स्वराज और राजनाथ सिंह को धन्यवाद कहना चाहूंगा। हम बहुत खुश हैं कि हमारी सरकार ने दोनों की वापसी के लिए कोशिश की।

आसिफ निजामी और नाजिम अली निजामी 8 मार्च को लाहौर गए थे लेकिन पिछले हफ्ते दोनों लापता हो गए जिसके बाद भारत ने इस मसले को पाकिस्तान के समक्ष उठाया। आसिफ की पाकिस्तान यात्रा का मुख्य मकसद कराची में रह रही बहन से मुलाकात करना था। शनिवार को पाकिस्तान ने भारत को बताया कि दोनों सूफी मौलवियों का पता चल गया है और दोनों कराची पहुंच चुके हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मसले को पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज के समक्ष उठाया और लापता हुए दोनों मौलवियों का पता लगाने की गुजारिश की। रविवार को सुषमा ने आसिफ निजामी से बातचीत करने के बाद बताया कि दोनों मौलवी सुरक्षित है। दरअसल पाकिस्तानी मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि दोनों सूफी मौलवी इंटिरीअर सिंध में थे जहां कम्यूनिकेशन नेटवर्क नहीं था इसलिए वे अपने परिजनों से बातचीत नहीं कर पाए ते और यह नहीं बता पाए थे कि वे कहां है।