गोरखालैंड संघर्ष: 6 दिन से दार्जिलिंग बंद, जरूरी चीजों के लिए तरसे लोग

Daily news network Posted: 2017-06-20 13:28:31 IST Updated: 2017-06-20 13:28:31 IST
गोरखालैंड संघर्ष: 6 दिन से दार्जिलिंग बंद, जरूरी चीजों के लिए तरसे लोग
  • गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के बेमियादी बंद और कर्फ्यू की चलते टूरिस्ट और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

कोलकाता।

पृथक गोरखालैंड की मांग को लेकर पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) की अनिश्चितकालीन हड़ताल के छठे दिन भी यहां जनजीवन ठप रहा। गोरखा जन मुक्ति मोर्चा के बेमियादी बंद और कर्फ्यू की चलते टूरिस्ट और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 


बंद के चलते हजारों टूरिस्ट फंसे हुए हैं और लोग राशन और दूध जैसी जरूरी चीजों की किल्लत से जूझ रहे हैं। इस बीच, जीजेएम ने ऑल पार्टी मीटिंग बुलाई है। इसमें लोकल लेवल की कई पार्टियों के शामिल होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि इसमें आगे के लिए आंदोलन की स्ट्रैटजी पर चर्चा हो सकती है। उधर, आंदोलन को बड़ी साजिश बताने के बाद सीएम ममला बनर्जी सोमवार को नीदरलैंड रवाना हो गईं


बता दें कि जीजेएम नेता विमल गुरुंग के कार्यालय में अर्धसैनिक बलों द्वारा छापे की कार्रवाई के विरोध में पार्टी मुख्यालय सिंगमाड़ी तक दांडी मार्च के दौरान कथित पुलिस फायरिंग में चार युवकों की मौत के बाद लोगों में राज्य की ममता बनर्जी सरकार के प्रति लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हालांकि सरकार ने पुलिस फायरिंग की घटना से इंकार किया है। 


गोरखा समर्थक अब अर्धसैनिक बलों को दार्जिलिंग हिल्स से हटाये जाने की मांग कर रहे हैं। दूसरी तरफ राज्य के लोगों के बीच यह प्रश्न अभी सहज चर्चा का विषय बना हुआ है कि केंद्र सरकार दार्जिलिंग में मौजूदा ज्वलंत समस्या को लेकर जीजेएम और राज्य सरकार के बीच विरोधाभास को सुलझाने के लिये कब बैठक बुलायेगी। गुरुंग ने कहा है कि गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) अब मृतप्राय मुद्दा है और वे राज्य सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं करेगी। 



केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दार्जिलिंग के लोगों से हिंसा छोडऩे की अपील करते हुये कहा है कि शांतिपूर्ण बातचीत से ही समस्या का समाधान हो सकता हैं। सिंह की इस अपील के बाद निकट भविष्य में त्रिपक्षीय बातचीत की संभावना जतायी गई है। सिंह ने कहा है कि उन्होंने दार्जिलिंग की ताजा स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी बातचीत की है। हाल ही में पृथक राज्य आंदोलन में शामिल हुए छेत्री ने कहा है कि वह इसके लिये जेल जाने के लिये भी तैयार हैं।