मणिपुर में सेना के काफिले पर हमले का आरोपी अरेस्ट, 18 जवान हुए थे शहीद

Daily news network Posted: 2018-01-13 07:57:36 IST Updated: 2018-01-13 09:36:33 IST
  • 2015 में मणिपुर में सेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमला मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक उग्रवादी संगठन के कथित सदस्य को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। इस हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे।

इंफाल।

2015 में मणिपुर में सेना के काफिले पर घात लगाकर किए गए हमला मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक उग्रवादी संगठन के कथित सदस्य को शुक्रवार को गिरफ्तार किया। इस हमले में 18 जवान शहीद हो गए थे।

एक अधिकारी ने बताया कि एनआईए और मणिपुर पुलिस के संयुक्त अभियान में एजेंसी ने प्रतिबंधित कांगलेई यावूल कन्ना लूप (केवाईकेएल) के सदस्य नओरेम के पास से एक पिस्तौल और पांच कारतूस बरामद किए।

एजेंसी की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक वह चार जून 2015 को मणिपुर के चांदेल जिले में सैन्यकर्मियों पर घात लगाकर किये गए हमले संबंधी एक मामले में संलिप्त पाया गया था।

बयान में कहा गया कि छठी डोगरा बटालियन के सैन्यकर्मियों पर हमले में उसकी भागीदारी थी और वह तब से फरार था। गिरफ्तार आरोपी नओरेम मणिपुर के काकचिंग जिले में रहने वाले एन इबोम्चा सिंह का बेटा है।

बयान के मुताबिक, 'जांच के दौरान एनआईए ने गिरफ्तारी के लिए उसके बारे में सुराग देने पर दो लाख रूपये के इनाम की घोषणा की थी। एनआईए की विशेष अदालत, इंफाल ने गैर जमानती वारंट भी जारी किया था। अदालत ने उसे भगोड़ा अपराधी करार दिया था।'

बता दें कि चार जून, 2015 को पूर्वोत्तर के आतंकी समूह एनएससीएन-के ने मणिपुर के चंदेल जिले में भारतीय सेना के एक काफिले पर हमला कर 18 जवानों की जान ले ली थी। इसके बाद आठ जून को भारत ने भारत-म्यांमार की सीमा पर लक्षित हमले कर करीब 70-80 उग्रवादियों को मार गिराया था।