असमः विपक्ष ने की संघ की बैठक में शामिल हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

Daily news network Posted: 2017-05-17 11:38:32 IST Updated: 2017-05-17 11:38:32 IST
असमः विपक्ष ने की संघ की बैठक में शामिल हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
  • विधानसभा में विरोधी दल के नेता तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता देवब्रत सइकिया ने होजाई में आयोजित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) की बैठक में भारतीय पुलिस प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों की उपस्थिति पर सवाल उठाया है।

गुवाहाटी।

विधानसभा में विरोधी दल के नेता तथा वरिष्ठ कांग्रेसी नेता देवब्रत सइकिया ने होजाई में आयोजित राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ(आरएसएस) की बैठक में भारतीय पुलिस प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों की उपस्थिति पर सवाल उठाया है।

सइकिया ने मंगलवार को जारी एक बयान में आरएसएस को राष्ट्रपित महात्मा गांधी की हत्या की साजिश में शामिल बताते हुए कहा है कि ऐसे उग्र हिंदू संगठन की सभा में कोई सरकारी अधिकारी शामिल नही हो सकता।

देश में आपातकाल लागू किए जाने व बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के वक्त आरएसएस पर प्रतिबंध लगाए जाने की बात का भी उन्होंने अपने बयान में जिक्र किया है।

सइकिया ने अपने बयान में कहा है कि होजाई में आयोजित 'संघ शिक्षावर्ष के समारोह कार्यक्रम' में असम परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक तथा आईपीएस अधिकारी आनंद प्रकाश तिवारी, उत्पल दत्त नामक प्रचार भारती के गुवाहाटी केंद्र के एक अधिकारी सहित कई सरकारी अधिकारियों ने भाग लिथा था।

उन्होंने कहा कि 1964 के Civil service (conduct) Rule के अनुसार कोई सरकारी अधिकारी आरएसएस और जमीयत ए इस्लामी की सभा में अथवा संगठन के कामकाज में शामिल नहीं हो सकता।

ऐसी गतिविधियों में लिप्त होने वाले सरकारी अधिकारियों के खिलाफ वर्ष 1966 के अधिनियम और वर्ष 1980 के संशोधन के अनुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1998 से 2004 तक केंद्र में जब भाजपा की सरकार थी, तब भी यह नीति बहाल थी। उन्होंने आरोपी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के साथ ही आगे भविष्य में कोई सरकारी अधिकारी आरएसएस और जमीयत ए इस्लामी की सभा में शामिल ने हो सके, सरकार से यह सुनिश्चित करने की मांग की है।